पीएम मोदी करेंगे सबसे बड़े पुल का उद्घाटन, चीन को लगी मिर्ची

नई दिल्ली (25 मई): सरकार के 3 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में अरुणाचल सीमा के पास ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे लंबे ब्रिज का 26 मई को करेंगे। ब्रह्मपुत्र की सहायक लोहित नदी पर बने ढोला-सदिया ब्रिज की लंबाई 9.15 किमी है। इस पुल के शुरू हो जाने से ना सिर्फ असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा, बल्कि सामरिक रूप से भी ये ब्रिज बहुत अहम होगा।


इस ब्रिज के जरिए चीन सीमा पर सैन्य साजो सामान आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। ब्रिज को बनाते समय इस बात का ख्याल रखा गया है कि इस पर से टी-72 टैंक भी आसानी से गुजर सकेंगे। 876 करो़ड़ रुपए की लागत वाला यह प्रोजेक्ट 2010 में शुरू हुआ था। हलाकि इस ब्रिज को 2015 में बनकर तैयार होना था, लेकिन इसे बनने में सात साल लगे। देरी की वजह से लगत बढ़कर 938 करोड़ हो गया। इससे पहले बांद्रा-वर्ली सीलिंक देश का सबसे बड़ा ब्रिज था।


ढोला-सदिया ब्रिज बनने से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच की दूरी 4 घंटे कम हो जाएगी। लेकिन इस ब्रिज सामरिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। ब्रिज बन जाने से सेना अरुणाचल प्रदेश तक आसानी से पहुंच सकती है, जिसकी सीमा चीन से लगती है। अरुणाचल प्रदेश में सेना तिनसुखिया से प्रवेश करती है, जो गुवाहाटी से 186 किमी दूर है। ऐसे में सेना को तेजपुर से सीमा पर पहुंचने में करीब दो दिन लग जाते थे, लेकिन अब यह राह आसान होगी।


चीन से लगती 3488 किमी लंबी सीमा है, लेकिन अरुणाचल प्रदेश में एक भी एयरपोर्ट नहीं है। इटानगर में सिर्फ एक हैलीपैड है। जबकि चीन ने एलएसी दूसरी तरफ एयर स्टि्रप और स़डकें तक बना ली हैं। ऐसे में ये ब्रिज भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाएगा।