चमत्कारिक शिवलिंग: दिन में तीन बार बदलता है इसका रंग

धौलपुर (24 जुलाई): राजस्थान का धौलपुर जिला चंबल के बीहड़ों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन एक चमत्कारिक शिवलिंग भी यहां की पहचान बन गया है। यह श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र तो है ही, वैज्ञानिकों के लिए भी जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। दरअसल, साइंस आज तक यह पहेली नहीं सुलझा पाया कि यह शिवलिंग आखिर क्यों और कैसे रंग बदलता है। आए दिन यहां भक्तों का ताता लगा रहता है।

दिन में लाल, दोपहर को केसरिया और रात को सांवला > यह शिवलिंग दिन में 3 बार अपना रंग बदलता है। > शिवलिंग का रंग दिन में लाल, दोपहर को केसरिया और रात को सांवला हो जाता है। > ऐसा क्यों होता है इसका जवाब अब तक नहीं मिल सका है। > कई बार मंदिर में रिसर्च टीमें आकर जांच-पड़ताल कर चुकी हैं। > फिर भी इस चमत्कारी शिवलिंग के रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका है। > बीहड़ में मंदिर होने की वजह से पहले यहां कम श्रद्धालु आते थे।यहां शादी के लिए वर-वधू मन्नत मांगने आते हैं।

यहां शादी से पहले मांगते हैं मन्नत ऐसा माना जाता है कि जो भी कुंवारा या कुंवारी यहां शादी से पहले मन्नत मांगने आते हैं, उनकी मुराद पूरी हो जाती है। लड़कियों को मनचाहा वर भी शिवजी की कृपा से मिलता है। शिवलिंग की मान्यता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।

कितना पुराना है ये शिव मंदिर > यहां आने वाले भक्तों की मानें तो शिव मंदिर करीब हजार साल पुराना है। > यहां के बुजुर्गों के मुताबिक़ पहले बीहड़ में मंदिर होने की वजह से यहां भक्त डर की वजह से कम आते थे। > क्योंकि यहां जंगली जानवरों और दस्युओं का आना-जाना था। > लेकिन अब हालात बदलने लगे हैं और दूर-दूर से बड़ी संख्या में भक्त यहां आने लगे हैं। शिवलिंग का रंग तीन बार बदलता है।