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धरम हेमा की शादी को हुए 39 साल, तस्वीरों में देखिए इनकी लवस्टोरी

धर्मेन्द्र हेमा मालिनी हिंदी सिनेमा की मशहूर जो़ड़ी रहे हैं। दोनों ने करीब 16 फिल्मों में साथ काम किया। 2 मई 1979 को इस जोड़ी ने शादी रचाई थी। हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर अपनी और धर्मेन्द्र की तस्वीर शेयर की है

धर्मेन्द्र हेमा मालिनी हिंदी सिनेमा की  मशहूर जो़ड़ी रहे हैं। दोनों ने करीब 16 फिल्मों में साथ काम किया।  2 मई 1979 को इस जोड़ी ने शादी रचाई थी। हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर अपनी और धर्मेन्द्र की तस्वीर शेयर की है और बधाई देने वालों को थैंक्यू कहा है। 

बॉलीवुड की इस मशहूर प्रेम कहानी कुछ ऐसे शुरूआत हुई थी। फिल्म  आसमान महल के प्रीमियर पर धर्मेन्द्र ने पहली बार हेमा को देखा था और पहली ही मुलाकात में हेमा पर फिदा हो गए थे धर्मेन्द्र। धर्मेन्द्र की नजर हेमा पर ऐसे टिकी कि हटने का नाम ही नही ले रही थी। थिएटर के अंदर जब धर्मेन्द्र घुसे तो कॉर्नर वाली सीट पर ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी बैठी हुई थी। हेमा को देखने के बाद अपने खास दोस्त शशि कपूर से धरम पाजी ने कहा था ,'' यार ये कुड़ी वाकई चंगी दिखती है।'' तब धर्मेन्द्र ने समझा था साउथ इंडियन हेमा उनकी ये बात नहीं समझ पाएगी लेकिन हेमा मालिनी पंजाबी में कही धर्मेन्द्र की पूरी बात समझ गई. 

धरम पाजी अगर हेमा पर फिदा थे तो हेमा का भी वहीं हाल था। उस दौर के हैंडसम हंक धर्मेन्द्र के बारे में बहुत सुन रखा था.हेमा ने मन ही मन वो भी धर्मेन्द्र को बहुत पसंद करती थी। साऊथ से बॉलीवुड में आई हेमा की चाहत थी कि वो धर्मेन्द्र के साथ फिल्मों में काम करे और जल्द ही उन्हें एक नहीं चार चार फिल्में मिल गई।  

हेमा और धर्मेन्द्र की पहली फिल्म थी शराफत और इसी फिल्म के सेट पर साउथ इंडियन ब्यूटी हेमा और पंजाब के पुत्तर धमेन्द्र का प्यार परवान चढ़ा। हालांकि ये फिल्म फ्लॉप हो गई थी लेकिन इनकी लव स्टोरी रफ्तार पकड़ चुकी थी।1971 में आई राजा जानी हेमा और धर्मेन्द्र की पहली हिट फिल्म थी।  हेमा की जोड़ी सुपर हिट रही 1972 में धर्मेन्द्र को सीता और गीता का ऑफर मिला। डाइरेक्टर रमेश सिप्पी ने सीता और गीता की कहानी हेमा मालिनी को नजर में रखकर लिखी थी फिल्म हीरोइन ओरिएंटेड थी, लेकिन धर्मेन्द्र ने सिर्फ हेमा मालिनी की वजह से हीरो की भूमिका कुबूल कर ली। धर्मेन्द्र  पंजाब के फगवाड़ा के है जबकि हेमा मालिनी तमिलनाडू के अयंगर परिवार से थी। दोनों  एक दूसरे बिल्कुल अलग थे लेकिन इनके दिल मजबूती से जुड़े। उस दौरान शादीशुदा थे और चार बच्चों के पिता थे। जब वो 19 साल के थे तभी उनकी प्रकाश कौर से शादी हो गई थी। लेकिन शादीशुदा होते हुए भी धर्मेन्द्र हेमा के प्यार में पड़ने से खुद को रोक नहीं पाएं । 

अपनी बायोग्राफी में हेमा मालिनी ने इस पल को याद करते हुए कहा है कि ,'' मैं धरमजी को बहुत पसंद करने लगी थी लेकिन इकरार से डरती थी। मुझे पता था कि इस रिश्ते का कोई भविष्य नहीं है क्योंकि वो शादीशुदा है उसके बावजूद भी हम एक दुसरे के प्यार में पड़ गए। ''

उस दौरान धर्मेन्द्र ही नहीं हेमा की खूबसूरती पर मरने वाले कई थे। जितने चर्चे ड्रीम गर्ल के थे उतने ही उनके दीवानें भी थे। उस दौर में हर कोई हेमा  मालिनी की ही बातें करता था। दीवानों की इस लिस्ट में एक नाम संजीव कुमार और जितेन्द्र  का भी नाम था। 

 कई बार मन में ख्याल भी आया कि शादीशुदा धर्मेन्द्र के बारे में सोचने से बेहतर है कि जितेन्द्र या संजीव कुमार के बारे में सोचा जाए.....लेकिन हेमा का दिल तो धर्मेन्द्र का ही दीवाना था।  ऐसे में धर्मेन्द्र बाजी मार चुके थे...क्योंकि हेमा के साथ सबसे ज्यादा उन्होंने ने ही फिल्में साइन कर रखी थी और वहीं उनके नजदीक भी रहते थे। 

शादी के लिए हेमा मालिनी का दिल जीतने की कोशिश में धर्मेन्द्र के लिए वरदान साबित हुई शोले की आउटडोर शूटिंग  मुंबई से दूर बैंगलोर के नजदीक रामगढ़ में वीरु बसंती के साथ रोमांस का कोई चांस नहीं छोड़ते थे। इस दौरान धर्मेन्द्र की मुहब्बत के सबसे बड़े राजदार हुआ करते थे अमिताभ बच्चन. हालांकि शोले की शूटिंग के दौरान भी पहरेदार की तरह होती हेमा की मां जया चक्रवर्ती हमेशा साथ होती थी। 

तब भी धर्मेन्द्र हेमा के साथ इश्क फरमाने का मौका नहीं छोड़ते थे। सेट पर धर्मेन्द्र हेमा को शॉट के अलावा भी बसंती कहकर छेड़ते थे. उनकी दीवानगी का पता फिल्म की पूरी यूनिट को था। कहा जाता है हेमा के साथ वाले सीन में धर्मेन्द्र रीटेक कराते थे, ताकि उन्हें हेमा के साथ रहने का मौका मिले। सीन में गड़बड़ी करने के लिए धर्मेन्द्र लाइटमैन्स को 2-2 सौ रुपये भी देते थे। सीन के जितने रीटेक होते, लाइटिंग टीम को उतने ही ज्यादा पैसे देते धर्मेन्द्र 

 रामनगर में शोले की शूटिंग के दौरान धर्मेन्द्र और हेमा की मुहब्बत की चर्चा बंगलोर से लेकर बंबई तक फैली.लेकिन धर्मेन्द्र तो अबतक हेमा को शादी के लिए प्रपोज नहीं कर पाए थे। शादी शुदा होने की वजह से धर्मेन्द्र के लिए ये आसान भी नहीं था। कहा जाता है इसी बैचैनी में धर्मेन्द्र रात में ज्यादा शराब पी लेते। एक बार तो शूटिंग के बाद धर्मेन्द्र ने इतनी शराब पी ली, कि उन्हें होश ही नहीं रहा। वो नशे की हालत में सेट से काफी दूर चले गए। पूरी यूनिट रात भर परेशान रही. सुबह धर्मेन्द्र एक पहाड़ी पर सोते हुए मिले। 

 धर्मेन्द्र और हेमा की मीठी नोक झोंक सेट पर शोले के सेट पर चलती रही। शोले के मशहूर होली वाले गाने की शूटिंग के दौरान  धर्मेन्द्र ने हेमा से अपने दिल की बात कहने का हौसला जुटा लिया. शूटिंग के बीच धर्मेन्द्र ने हेमा से पूछ लिया- क्या तुम मुझसे शादी करोगी । हेमा ने तो हां कर दिया लेकिन उनके मम्मी पापा इस रिश्ते के आड़े आ रहे थे। ऐसे में हेमा धर्मेन्द्र से अपने रिश्ते का कोई भविष्य ना देख उदास हो जाती। 

 धर्मेन्द्र से शादी की बात पर अपने मां और बाप को खिलाफ देखकर हेमा ने खुद भी कई बार धर्मेन्द्र से दूर रहने कोशिश की लेकिन ऐसा कर नहीं पाईं. धर्मेन्द्र की तरफ से मुश्किल ये थी कि वो पहली पत्नी को तलाक दिए बगैर हेमा से शादी नहीं कर सकते थे। धर्मेन्द्र की पत्नी प्रकाश कौर पहले से ही दोनों के रिश्ते से नाखुश थीं, तलाक की बात सुनकर तो और भी भड़क गईं।

शोले की रिलीज के बाद धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी की शादी की अटकलें जोर पकड़ने लगीं। अखबारों में हर रोज छपने वाली ऐसी खबरों से हेमा के मां-बाप परेशान थे। इसी बीच उन्होंने हेमा मालिनी की शादी के लिए फिल्म इंडस्ट्री से बाहर लड़का देखना शुरु कर दिया. ये सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा। 

इसी दौरान हुए एक हादसे ने दोनों की जिंदगी बदल गई। जुलाई 1978 में पाकिस्तान से आया हेमा का एक फैन रात के अंधेर में उनके बंगले में घुस गया. हेमा के पापा को जब भनक लगी, तो उन्होंने चोर समझकर पीछा किया य़ इसी दौरान वो सीढ़ियों से गिर पड़े और अस्पताल ले जाते हुए उनकी मौत हो गई।  मुसीबत के इस दौर में धर्मेन्द्र हेमा के परिवार के लिए सबसे बड़े मददगार साबित हुए ऐसे में अब हेमा की मां ने भी उनके रिश्ते को सहमति दे दी।

और फिर वो दिन भी आ गया जब 2 मई 1979 को हेमा और धर्मेन्द्र ने कुछ गिने चुने दोस्तों और करीबी रिश्तेदारों के बीच अयंगर रीति रिवाजों से शादी कर ली। धर्मेन्द्र और हेमा ने  अपनी गुपचुप शादी को काफी समय तक छुपाए रखा। हालांकि उस दौरान मीडिया में ये रिपोर्ट्स आई कि हिंदू रीति रिवाज से पति पत्नी बनने के पहले  धर्मेन्द्र  और हेमा ने इस्लाम कुबूल कर  निकाह किया था। हेमा के प्यार में धर्मेन्द्र सिंह देओल दिलावर खान बन गए और हेमा आएशा बेगम बन गई ..। ऐसा इसलिए किया गया कि पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी हिंदू विवाह कानून के तहत अपराध न साबित हो. लेकिन बाद ने धर्मेन्द्र और हेमा दोनों ने ही इस बात से साफ इंकार किया। 

शादी के बाद हेमा धर्मेन्द्र के बंगले में तो नहीं गईं. उनका बंगला भी जुहू में धर्मेन्द्र के बंगले से कुछ ही दूरी पर था. दोनों परिवारों का एक दूसरे के घर आना जाना आज भी नहीं. लेकिन धर्मेन्द्र दोनों ही बंगलों अपनी मौजूदगी बराबर बनाए रखते ।

 धर्मेन्द्र और हेमा जानते थे, उनकी जिंदगी शादी के बाद एक आम पति-पत्नी की जैसी नहीं रहेगी. लेकिऩ दोनों ने ही बड़ी शालीनता से इस रिश्ते को निभाया। 2 नवंबर 1981 को  एश का जन्म हुआ और फिर चार साल बाद आहना.का जन्म हुआ।  

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