धार में भोजशाला को लेकर फिर तनाव, भारी पुलिसबल तैनात

धार  (12 फरवरी): एक भोजशाला को लेकर हिंदू और मुसलमानों में एक अर्से से विवाद रहा है। कहानी सदियों पुरानी है, मगर मौजूदा वक़्त में यह तलवार की धार पर इसलिए है क्योंकि इस बार फिर बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है। हिंदू दिनभर बिना रुके पूजा करना चाहते हैं और मुस्लिम दोपहर की दो रकत नमाज़ पढ़ना चाहते हैं। प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला है, जो हिंदूवादी संगठनों को मंज़ूर नहीं है।

मुस्लिम जानकारों के मुताबिक जुमें की नमाज़ के लिए बमुश्किल 20 से 25 मिनट का वक़्त लगता है। मगर प्रशासन ने उन्हें 3 घंटे का वक़्त दिया है, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से लोग मस्जिद में आ और जा सकें। लेकिन प्रशासन की इस व्यवस्था को हिंदूवादी संगठन मानने को तैयार नहीं हैं। हिंदू जागरण मंच पूरे दिन पूजा करने पर अड़ा है।

दरअसल, 2003 में पहली बार उठे मंदिर-मस्जिद के विवाद के बाद एएसआई ने एक बीच का रास्ता निकाला। इसके मुताबिक, अंदर के प्रांगण में जब हिंदू की बात हो तो हिंदू और जब मुस्लिम की बात हो तो मुस्लिम लोगों। हालांकि विवाद हर साल तब खड़ा होता है, जब बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ती है। 

शुक्रवार को इस प्रांगण में मुसलमानों को जुमे की नमाज़ पढ़ने की इजाज़त एएसआई ने दी है। मगर बसंत पंचमी की पूजा पर हिंदू भी पूजा करते हैं। लिहाज़ा दोपहर का करीब एक से दो घंटा ऐसा होता है, जब दोनों समुदाय के लोग इसमें मौजूद होते हैं। (रेनू अग्रवाल के साथ गोविंद सिंह गुर्जर की रिपोर्ट)

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