मायावती ने बाहुबली धनंजय सिंह को पार्टी से निकाला

नई दिल्ली (13 सितंबर): मायावती ने धनंजय सिंह को पार्टी से निकाल दिया है। बता दें कि धनंजय सिंह 4 सितंबर को इलाहबाद रैली में दोबारा पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन अब कोआर्डिनेटर डॉ राम कुमार कुरील ने मायावती के निर्देश पर BSP से निकाले जाने का ऐलान किया है।

धनंजय सिंह ने पहली बार जुलाई 2008 में बसपा की सदस्यता ग्रहण की। साल 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर जौनपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद बने। उसके बाद खुद की खाली की गई रारी विधानसभा सीट से अपने पिता राजदेव सिंह को बसपा से टिकट दिलवाकर चुनाव जितवाने में अहम भूमिका अदा की। बढ़ते राजनीतिक वर्चस्व के बीच 21 सितंबर, 2011 को उन्हें तब करारा झटका लगा जब वे पार्टी से निलंबित कर दिए गए। लंबे संघर्ष के बाद वह 17 अक्टूबर, 2012 को पुन: बसपा में वापस लिए गए।

सांसद की पत्नी डॉ. जागृति सिंह भी चुनाव में अपना भाग्य आजमा चुकी हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में जब धनंजय सिंह एक आपराधिक मामले में जेल गए तो मल्हनी क्षेत्र से चुनाव की कमान जागृति ने ही संभाली। वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरी। सपा के उम्मीदवार पारसनाथ यादव के मुकाबले उन्हें लगभग 50 हजार मत हासिल हुए।

नौकरानी की हत्या मामले में बाहुबली सांसद धनंजय सिंह का वास्ता हो या न हो, लेकिन इस कांड की वजह से उनकी परेशानी जरूर बढ़ गई । खास तौर पे विरोधियों को बहुत बड़ा मौका हाथ लग गया था , जिसके वज़ह से उनको बसपा का टिकट नहीं मिला और उन्हें निर्दल ही चुनाव में आना पड़ा।