इस धर्मगुरू के चेले हैं आतंकी, NIA कर सकती है पूछताछ!

दीपक दूबे, मुंबई (6 जुलाई): ढाका हमले के आतंकियों द्वारा भारत के इस्लामिक स्कॉलर जाकिर नाइक का नाम लिए जाने के बाद से वो एक बार फिर विवादों में हैं। इस विवादित उपदेशक के भाषणों की जांच हो सकती है। बताया जा रहा है कि हैदराबाद मॉड्यूल से जुड़े IS के आतंकी भी जाकिर नाईक को फोलो करते थे।

हिंदुस्तान को दहलाने की साजिश रच रहे आतंकियों के भी डॉक्टर जाकिर नाईक की तकरीरों से कट्टर पंथ की खुराक मिल रही है। ISIS की हैदराबाद मॉड्यूल के सरगना से पूछताछ में पता चला है कि इस कथित मुस्लिम धर्मगुरु से प्रभावित आतंकी चेलों ने हिंदुस्तान को दहलाने का पूरा प्लान तैयार किया था। खुफिया एजेंसी एनआईए की पूछताछ में IS के हैदराबाद मॉड्यूल के सरगना माने जाने वाले मोहम्मद इब्राहिम याजदानी ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं, उसने एनआईए को बताया है कि जाकिर नाईक की तकरीरों को सुन कर ही उसने आतंक की राह पकड़ी थी।

हैदराबाद मॉड्यूल के मास्टरमाइंड मोहम्मद इब्राहिम याजदानी ने साल 2010 में मुंबई का दौरा किया था। ये पूरे 10 दिनों तक डॉक्टर जाकिर नाईक के कैंप में शामिल रहा था, जहां से इसका झुकाव मुस्लिम कट्टरपंथ की ओर हुआ। मुंबई में इस विवादित मुस्लिम धर्मगुरू के कैंप से लौटने के बाद मोहम्मद इब्राहिम याजदानी सीरिया में सक्रिए ISIS के आतंकियों से संपर्क में आया और इसके बाद ये हिंदुस्तान को दहलाने की तैयारी में जुट गया। NIA की पूछताछ के बाद हैदराबाद में पकड़े गए आईएस के मॉड्यूल की जांच में जो बाते सामने आई हैं वे बेहद चौकाने वाली हैं। बताया जा रहा है कि साल 2004 में टीवी और यू-ट्यूब पर विवादित मुस्लिम धर्मगुरू जाकिर नाईक का भाषण सुनने के बाद ही उसका झुकाव कट्टरपंथ की ओर हुआ था।

NIA की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मुस्किल स्कॉलर ज़ाकिर नाईक की तकरीरों से प्रभावित होकर ही मोहम्मद इब्राहिम ने शरिया कानून लाने के लिए हिंदुस्तान के खिलाफ जंग छंड़ने की साजिश रची थी। हालांकि इस खुलासे के बाद भी सरकार इस विवादित मुस्लिम धर्मगुरू के खिलाफ कुछ कहने से बच रही है। इधर बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों डॉक्टर जाकिर नाईक के वीडियो और चैनल के कंटेंट की गहराई से जांच कर सकती हैं।

जयपुर में पकड़े गए ISIS एजेंट सिराजुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद भी ये सामने आया था कि वो जाकिर नाईक के भाषणों से प्रभावित था। अब हैदराबाद में ISIS के मॉड्यूल के मामले में एक बार फिर जाकिर नाईक का नाम विवादों में आने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं, बेहद खतरनाक बात ये है कि ढाका हमले को लेकर भी इस विवादित धर्मगुरू का नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि ढाका को दहलाने वाले भी जाकिर नाईक की तकरीरों से बेहद प्रभावित थे। सारे विवाद पर इस विवादित धर्मगुरू की सफाई सामने नहीं आ सकी है। बताया जा रहा है कि जाकिर नाईक अभी देश से बाहर हैं, उनके इसी महीने की 11 तारिख को वापस आने की उम्मीद है।

ढाका में हुए आतंकी हमले की जांच में पता चला है कि रेस्तरां पर हमला करने वाले 2 हमलावर जाकिर के अनुयायी थे। इस खबर ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं ये खतरा देश की जमीं पर भी दस्तक ना दे दें। बताया जा रहा है कि ढाका के रेस्टोरेंट में 6 बेगुनाहों का खून करने वाले आतंकियों ने जाकिर नाईक के भाषणों से प्रभावित होकर ही 20 लोगों को कत्लेआम को आंजाम दिया था। इस्लाम का प्रचार करने वाले जाकिर नाईक कई मौकों पर आतंकियों और आतंकवाद का बचाव करते नजर आते हैं।

ढाका हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ढाका को दहलाने वाले 2 आतंकियों ने डॉक्टर जाकिर नाईक के भडकाऊ भाषणों से प्रभावित होकर ही आतंक की राह पकड़ी थी। खुद को इस्लाम के बड़े जानकार होने का दावा करने वाले जाकिर नाईक अपने भाषणों में कई मौके पर दुनिया भर में आतंकवाद का बचाव करते नजर आते हैं। ये वही डॉक्टर नाइक हैं जो ओसामा बिन लादेन को भी आतंकवादी नहीं मानते हैं। डॉक्टर जाकिर नाईक की नजर में ओसामा बिन लादेन से बड़े आतंकी अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज बुश हैं।

2009 में न्यूयार्क के सबवे में फिदायीन हमले के बाद उनका नाम चर्चा में था। गिरफ्तार नजीबुल्ला जाजी के दोस्तों ने बताया कि वो डॉ. नाईक को फोलो कर रहा था। नजीबुल्ला जाजी जाकिर नाईक की तकरीरों को टीवी पर देखता था। साल 2006 के मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए धमाकों में हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद भी जाकिर नाईक का नाम विवादों में घिर गया था। आरोप लगे थे कि इनके भाषणों ने ही हमलावरों को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाया था। धमाकों की जांच में पता चला था कि बम धमाकों का आरोपी राहिल शेख भी डॉ. नाईक से प्रभावित था। 2007 में ग्लासगो एयरपोर्ट पर धमाके में एक शख्स घायल हुआ था। कफील अहमद नाम के इस शख्स पर भी जाकिर नाईक की तकरीरों का असर था।

डॉ. नाईक को कट्टरपंथी वहाबी और सलाफी विचारधारा का हिमायती माना जाता है। यही वजह है कि मुसलमानों का एक वर्ग भी इनका विरोध करता नजर आता है। लेकिन अब खतरे की बात ये है कि डॉक्टर जाकिर नाईक की तकरीरें दुनिया भर के आतंकियों को खूनखराबे के लिए भड़का रही है और ढाका हमले जैसे बड़े आतंकी हमले के बाद उनका नाम एक बार फिर से विवादों में है।

मुंबई पुलिस विवादों में आए मुस्लिम धर्म गुरू जाकिर नाईक के घरों और दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। बताया जा रहा है कि मुंबई पुलिस ने इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन के दफ़्तर से किया संपर्क है। इस रिसर्च फाउंडेशन के मुखिया विवादित मुस्लिम धर्मगुरू जाकिर नाईक है। जाकिर नाईक ने पीस टीवी नाम के एक टीवी चैनल की भी शुरूआत की थी। इस्लामी रिसर्च फाउंडेशन की वेबसाइट का दावा है कि पीस टीवी का प्रसारण 125 देशों में हो रहा है। एशिया, मिडिल ईस्ट, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीकी महाद्वीपों में यह चैनल देखा जा रहा है।

डा. नाईक का चैनल:

- पीस टीवी चैनल की शुरूआत साल 2006 में हुई थी - ये एक नॉन प्रॉफिट सेटेलाइट चैनल है - इस टीवी चैनल का प्रसारण दुबई से होता है - साल 2006 से इसका भारत में प्रसारण हो रहा था - साल 2009 में पीस टीवी का प्रसारण रोक दिया गया था - साल 2012 में इस टीवी चैनल को हिंदुस्तान में बैन कर दिया गया

अब हिंदुस्तान में इसका प्रसारण नहीं होता, लेकिन दावा किया जाता है कि दुनिया भर केकरोड़ो फोलोअर्स डॉक्टर जाकिर नाईक के भाषणों को फोलो करते हैं। खुद को इस्लामिक उपदेशक कहने वाले जाकिर नाईक सूट बूट और टोपी में इस टीवी चैनल पर लेक्चर देते हैं। अपने लेक्चर में वे अक्सर इस्लाम और दूसरे धर्मों के बीच तुलना करते हैं।

कौन है डा. नाईक:

- इस विवादित मुस्लिम स्कॉलर जाकिर नाईक का जन्म मुबई में हुआ था - मुंबई के KC कॉलेज से जाकिर नाईक ने पढ़ाई की - इसके बाद इन्होंने MBBS की डिग्री हासिल की - साल 1991 में ज़ाकिर ने इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की थी

बाद में डॉक्टरी के पेशे के बदले इन्होंने खुद को एक मुस्लिम स्कॉलर के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया। साल 2007 में ज़ाकिर नाईक ने मुंबई में 10 दिनों के पीस कोन्फेरेंस का भी आयोजन किया था। मुसलमानों के बीच इस्लाम का संदेश फैलाने के लिए इन्होंने कई देशों की यात्रा भी की। हालांकि आतंकवाद के मसले पर उन्हें कई बार आलोचना का शिकार होना पड़ा है। कई देशों में तो इनकी एंट्री भी बैन है।

इन देशों में बैन है नाईक की एंट्री:

- जाकिर नाईक पर ब्रिटेन ने बैन लगा दिया था - इसके साथ ही नाईक कनाडा और मलेशिया में भी बैन हैं