हवाई यात्रियों के अच्छी खबर, फ्लाइट कैंसिल होने पर मिलेगा 20,000 का मुआवजा

नई दिल्ली (19 अप्रैल): अगर आप हवाई सफर करते हैं तो यह ये खबर आपके लिए बहुत जरुरी है। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने पैसेंजर के अधिकारों की सूची में बदलाव का प्रस्ताव दिया है कि यदि किसी पैसेंजर की कनेक्टिंग फ्लाइट शुरुआती फ्लाइट के लेट होने अथवा कैंसल होने की वजह से छूट जाती है तो एयरलाइन पैसेंजर को 20,000 रुपये बतौर जुर्माना अदा करेगी।

विमानन नियामक ने एक चार्टर में इसे प्रस्तावित किया है जो हवाई यात्रियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को सूचीबद्ध करता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा प्रस्तावित चार्टर के मुताबिक अगर अगर किसी पैसेंजर को टिकट होने के बावजूद प्लेन में सवार होने नहीं दिया जाता है तो एयरलाइन को उसे 5,000 रुपए का मुआवजा देना होगा। कई बार फ्लाइट ओवरबुक होने पर पैसेंजर को बोर्डिंग की इजाजत नहीं दी जाती, जिसके कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। अब भारत जैसे देश में ऐसी घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत दुनिया के सबसे तेजी विस्तार करने वाले विमानन बाजारों में से एक है।

एविएशन मिनिस्‍ट्री जल्द ही इस बारे में अपना पूरा प्‍लान लेकर आने वाली है। वहीं दूसरी ओर एयरलाइंस इस सुझाव के खिलाफ हैं क्योंकि भारत में घरेलू उड़ानों का किराया पहले से ही बहुत कम है। ऐसे में अगर इस तरह की एडवाइजरी लाई जाएगी जो एयरलाइंस का दिवाला निकल जाएगा।

कपनियों ने चेतावनी दी है कि अगर ये प्‍लान आता है तो घरेलू उड़ानों के किराए में भी बढ़ोतरी की जाएगी। मिनिस्‍ट्री को लिखा लेटर जेट एयरवेज, इंडिगो, स्पाइसजेट और गोएयर को संरक्षण देने वाले द फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइन्स ने मंत्रालय को लिखा है कि उनका सुझाव है कि मौजूदा नियम और मुआवजे का स्तर पहले से ही उचित और पर्याप्त तरीके से यात्री हितों की रक्षा करते हैं। अगर मुआवजे में बढ़ोतरी की जाती है तो इससे यात्री किराया भी बढ़ेगा।

फेडरेशन ने कहा कि अक्सर मौसम या एयरनेवीगेशन की वजह से फ्लाइट्स में देरी हो जाती है या उन्हें कैंसल कर दिया जाता है, ऐसे में अगर मुआवजा देना पड़ा तो इसका सीधा असर कंपनी पर पड़ेगा। वहीं सरकार का कहना है कि वह उपभोक्ता के हितों के लिए एक संतुलित फैसला लेगी।