बम-बम भोले के नारों से गूंज रहे हैं काशी के घाट-गलियां और मंदिर

नई दिल्ली (10 जुलाई): सावन के प्रथम सोमवार पर बाबा काशी विश्वनाथ दरबार हजारों कांवरियों ने जल चढ़ाया और , शीश नवाया।  हालांकि कावंरियों के जत्थों ने रविवार को ही शहर में डेरा डाल दिया था। सोमवार के साथ ही सावन का आगाज हुआ है। इसे काफी शुभ माना जा रहा है।  महिला कांवरियों के साथ ही लड़कियां भी कांवर उठाएं दिखीं। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर बिल्व पत्र और फूलों की खूश्बू से आच्छादित रहा तो बाबा की भष्मी का सौंदर्य काशी में हर ओर दिखा। हर-हर महादेव से गंगा तट व काशी का कोना-कोना गुलजार है।

वाराणासी का गंगा तट हो या शहर का कोई भी मार्ग हर ओर बस बोल-बम, बोल-बम के नारे बुलंद हैं। कांधे पर कांवर उठाये हजारों कांवरिये काशी में विचरण करते दिखे। नजर जिधर भी जाएं आंखे केशरीयामय हो जाती। कॉवरियों की उपस्थित से भोले की नगरी केशरिया रंग में ढ़ली दिखी। बाबा का दर्शन-पूजन करने के बाद नगर के विभिन्न शिवालयों में भी कांवरिये जल चढ़ाते दिखे। ज्यादातर कॉवरियों के जत्थे पैदल ही काशी पहुंचे है।