जिका वायरस की गुत्थी सुलझी, दल में यूपी की यह लड़की भी शामिल

मेरठ (6 अप्रैल): लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए सिरदर्द बने जिका वायरस की गुत्थी सफलतापूर्वक सुलझाने वाले अमेरिकी 7 सदस्‍यों के दल में एक भारतीय लड़की भी शामिल है। इस दल में तीन प्रोफेसर और चार छात्र शामिल थे।

पिछले साल ब्राजील से शुरू हुआ यह जिका वायरस अमेरिका सहित देश के कई देशों में फैल गया था। दीपिका सिरोही ने बताया कि जिका वायरस के स्‍ट्रक्‍चर को समझने के लिए हमें चार महीना का समय लगा। इस दौरान हम मुश्किल से एक दिन में सिर्फ दो या तीन घंटे ही सोते थे, लेकिन आखिर में हमारी कड़ी मेहनत सफल हो गई। उन्‍होंने बताया कि इससे अब जिका वायरस के खिलाफ दवाई बनाने में आसानी मिलेगी। हम इस सा‍ल के आखिर तक अपनी रिपोर्ट को सौंप देंगे।

वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश की उस शोध छात्रा को बधाई दी है। राजनाथ ने कहा कि मेरठ निवासी देविका सिरोही की उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। देविका को बहुत-बहुत बधाई जो जिका वायरस की गुत्थी सफलतापूर्वक सुलझाने वाले अमेरिकी दल का हिस्सा है। देविका ने न केवल अपने परिवार को, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

गृहमंत्री ने कहा कि देविका की उपलब्धि ने लड़कियों की पढ़ाई का महत्व बताया है। हमारा ध्यान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर केंद्रित होना चाहिए। एक अमेरिकी विश्वविद्यालय की शोध छात्रा देविका उस सात सदस्यीय शोध दल की सबसे कम उम्र की सदस्य है जिसने पहली बार जिका वायरस की संरचना की गुत्थी सुलझाई है।