गौरक्षक के नाम पर चल रही एजेंट गिरी पर नकेल कसने की तैयारी में फड़णवीस सरकार

नई दिल्ली (8 अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गौशाला और गौरक्षक पर दिए गए बयान के बाद महाराष्ट्र की फड़णवीस सरकार अब गौरक्षक के नाम पर चल रही एजेंट गिरी पर नकेल कसने का फैसला किया है।

गुजरात में गौरक्षा के नाम पर दलितों के साथ हुए अत्याचार से फड़णवीस सरकार ने सबक ले लिया है। सूबे की कानून व्यवस्था और सामजिक सदभाव को बरकार रखने के लिए फड़णवीस सरकार गौशाला का सर्वे करने के अलावा गौरक्षा के नाम पर एजेंट का काम करनेवाले के खिलाफ मुहिम छेड़ने का फैसला लिया है। सरकार ने जिले के कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए है कि गौशाला और गौरक्षा के नाम पर समाज में अशांति फैलानेवालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

महाराष्ट्र में इस समय 84 गौशालाएं है जो सालो से गौ सेवा कर रहे हैं। इस के अलावा महाराष्ट्र में फड़णवीस सरकार आने के बाद 100 से ज़्यादा गौशालाएं खोलने के लिए पशुपालन मंत्रालय के पास अर्जियां दाखिल हो चुकी है। विपक्ष का आरोप है दिन में गौशाला चलाने वाले रात में एजेंट का काम करके गाय के खरीद फरोख में शामिल होते इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

भारत में सबसे ज़्यादा मवेशियों की संख्या महाराष्ट्र में है जो उत्तर भारत के राज्यो से भी कई ज़्यादा है। ऐसे में गौरक्षक और गौशाला सरकार के लिए सिरदर्द न साबित हो इसलिए खुद सरकार ने यह कदम उठाया है इतना ही नहीं आनेवाले दिनों में महाराष्ट्र सरकार बूढ़े मवेशियों को सरकारी खर्चे पर देखभाल के लिए अपने पास रखेगी।