देव दीपावली के दिन जरूर करें ये काम, हर समय बनी रहेगी मां लक्ष्मी की खास कृपा


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 नवंबर): आज कार्तिक पूर्णिमा है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन हर साल देव दीपावली मनाई जाती है। मान्यता है कि आज के दिन सारे भगवान मिलकर एक साथ दिवाली मनाते हैं। मान्यता के मुताबिक इस दिन भगवान शंकर ने देवताओं की प्रार्थना पर सभी को उत्पीड़ित करने वाले राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया, जिसके उल्लास में देवताओं ने दीपावली मनाई, जिसे देव दीपावली के रूप में मान्यता मिली। इसी तिथि को भगवान शंकर ने अहंकारी राजा दिवोदास के अहंकार को भी नष्ट कर दिया था। यह पर्व ऋतुओं में श्रेष्ठ शरद, मासों में श्रेष्ठ कार्तिक व तिथियों में श्रेष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसे देवताओं का भी दिन माना जाता है।


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एक अन्य मान्यता के मुताबिक, इस दिन देवता स्वर्ग लोक से पृथ्वी पर आते हैं। इसलिए लोग जगह-जगह उनके स्वागत के लिए दीप जलाते हैं। खासकर मंदिरों और नदियों के घाटों पर दीये जलाने की अति प्रचीन परंपरा है। जिसकी छलक वाराणसी समेत सभी प्रमुख नदियों के घाटों पर नजर आती है। इस महीने की पवित्रता इस बात से भी है कि इस महीने में ब्रह्मा, विष्णु, शिव, अंगिरा और आदित्य आदि ने महापुनीत पर्वो को प्रमाणित किया है। इस माह किए हुए स्नान, दान, होम, यज्ञ और उपासना आदि का अनन्त फल मिलता है। इस पर्व को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर काशी के घाटों पर दीप जलाकर मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवताओं का पृथ्वी पर आगमन होता है। देव दीपावली के विशेष पूजन व उपायों से व्यक्ति का भाग्य उज्ज्वल होता है, संकट समाप्त होते हैं तथा जीवन में खुशहाली आती है।


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देव दीपावली पर वैसे तो दीप जलाने की परंपरा है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें यदि यह दीप दान नदी, तालाब, कुएं या फिर पीपल के पेड़ के नीचे किया जाए तो ज्यादा शुभ माना जाता है। देव दीपावली पर सिर्फ तेज के ही दीये न जलाएं। गाय के घी का दीप जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आप 21 दीप जला रहे हैं तो उनमें से एक दीप गाय के घी का जलाएं। इससे आर्थिक पक्ष मजबूत होता है। तेल के दीपक घर के बाहर जलाएं, जबकि घी का दीपक अपने रसोई में जलाएं।