डरे पाक ने हाफिज की नजरबंद को बताया राष्ट्रहित, कहा- वह भारत से युद्ध नहीं चाहता

नई दिल्ली ( 31 जनवरी ): पाकिस्तानी सेना ने जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बारे में कहा कि राष्ट्रहित में उसे घर में नजरबंद किया गया है। पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रहित में लिए गए नीतिगत फैसले के तहत ही ऐसा किया गया है। पाकिस्तानी सेना ने यह भी दावा किया कि वह (भारत से) युद्ध नहीं चाहती, हालांकि इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ये बातें कहीं। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक आसिफ गफूर ने हाफिज सईद की नजरबंदी के पीछे किसी विदेशी दबाव होने की बात को खारिज किया है।

सोमवार को जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को पाकिस्तान में नजरबंद किया गया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सरकार जमात-उद-दावा पर भी कार्रवाई कर सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इस तरह के संगठनों के खिलाफ अमेरिका के नए प्रशासन के सख्त नजरिए की वजह से पाकिस्तान ने ऐसा कदम उठाया है।

मीडिया को संबोधित करते हुए आसिफ गफूर ने हालिया भारत-पाक तनाव पर भी बात की। गफूर ने कहा, 'हम किसी से युद्ध नहीं चाहते। युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।' आईएसपीआर डीजी ने कहा, 'हम संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और बातचीत के माध्यम से कश्मीर समस्या का हल चाहते हैं, लेकिन शांति की हमारी इच्छा को हमारी कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।

खबर के मुताबिक आसिफ गफूर ने मीडिया को बताया कि पिछले 3 सालों में सीजफायर उल्लंघन के 945 मामले सामने आए हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक जैसी चीजों को भारत के 'ड्रामा' का एक 'एपिसोड' बताया। पाकिस्तानी सेना ने आरोप लगाया कि कश्मीर के मुद्दे से विश्व बिरादरी का ध्यान हटाने के लिए भारत ऐसा कर रहा है।

उधर, हाफिज सईद ने दावा किया है कि उसकी हिरासत से कश्मीरियों के 'भारत के खिलाफ संघर्ष' को 'नई प्रेरणा' मिलेगी। सईद को लाहौर में मस्जिद अल-कुदसिया चौबुर्जी स्थित जमात के मुख्यालय से हिरासत में लिया गया और बाद में उसके जौहर टाउन स्थित घर में बंद कर दिया गया। पंजाब प्रांत के प्रशासन ने सईद के घर को बाद में उप-जेल घोषित कर दिया है। सईद को फिलहाल 90 दिन की नजरबंदी में रखा गया है। पाकिस्तानी सरकार ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इसे और बढ़ाया जा सकता है।