अब हिंदी और दूसरी देसी भाषाओं में बन सकेगी ईमेल ID

नई दिल्ली (3 अगस्त): जब भी आप अपना ईमेल लॉग इन करते हैं या नया ईमेल अकाउंट बनाते हैं, तो आपको अभी तक अंग्रेजी में ही सारी इंफॉर्मेशन फीड करनी होती है। आईडी भी अंग्रेजी में ही बनती और लिखी जाती है। ऐसे में क्या कभी आपने ईमेल एड्रेस पसंद की निजी भाषा हिंदी या किसी अन्य में रखने के बारे में सोचा है? जैसे- सनीपुरोहित@जीमेल.कॉम।

आपको बता दें, अगर भारत सरकार की योजना कामयाब रहती है, तो गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और रीडिफ जैसी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां आपकी पसंद के हिसाब से आपको देसी भाषा में ईमेल एड्रेस दे सकती हैं। 

- रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने पिछले महीने बुलाई बैठक में ईमेल सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा कि वे स्थानीय भाषाओं खासतौर पर हिंदी में ईमेल एड्रेस मुहैया कराने की शुरुआत करें।  - सरकार को लगता है कि जब देश में इंटरनेट अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रहा है, तो स्थानीय भाषाओं से जुड़ा कॉन्टेंट और टूल होना जरूरी है। - इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रटरी राजीव बंसल ने बताया, "अगले कुछ साल में 2,50,000 ग्राम पंचायतों को भारत नेट प्रॉजेक्ट से जोड़ा जाएगा, लेकिन जब लोगों तक इंटरनेट पहुंचेगा, तो वे क्या करेंगे? देश में कितने लोग वास्तव में अंग्रेजी पढ़ या टाइप कर सकते हैं?" - मीटिंग में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और रीडिफ जैसी फर्मों के एग्जिक्युटिव्स शामिल हुए। उनकी राय थी कि देवनागरी जैसे बाकी भाषाओं की लिपि में ईमेल एड्रेस मुमकिन है।  - हालांकि, सरकार को इसे अनिवार्य बनाने के बजाय इंडस्ट्री को इस मामले में अपनी तरफ से पहल करने देना चाहिए।