दिल्ली के मालचा महल में 'राजकुमार' की गुमनाम मौत

नई दिल्ली(7 नवंबर): अवध राजघराने के राजकुमार अली रजा (साइरस) की गुमनामी में मौत हो गई। 2 नवंबर को पुलिस ने उनका कंकाल सेंट्रल रिज एरिया स्थित मालचा महल से बरामद किया था। 

- 58 वर्षीय राजकुमार वहां 25 वर्ष से रह रहे थे। मां और बहन की मौत के बाद अली रजा महल में अकेले थे। उनका बाहर की दुनिया से ज्यादा संपर्क नहीं था।

- मालचा महल में बीते 40 साल से अवध की रानी विलायत महल के बेटे प्रिंस अली रजा और राजकुमारी सकीना महल रह रहे थे। अब दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं। 

- सरदार पटेल मार्ग के पास सेंट्रल रिज में स्थित यह महल करीब 700 साल पुराना बताया जाता है जो कभी फिरोजशाह तुगलक की शिकारगाह हुआ करता था। 

- सोमवार सुबह जब महल जाकर देखा तो अंदर चारों ओर सामान बिखरा था। महल में दाखिल होते ही कुछ पर्शियन कारपेट बिखरे पड़े दिखे। लकड़ी के तख्तों पर कुछ कालीन बिछे हुए थे। इन तख्त पर कुछ किताबें, मालाएं, पुराने पत्र और करीब 40 साल से भी ज्यादा अखबारों की कुछ प्रतियां पड़ी थीं। इसके बाईं ओर एक अलमारी खुली थी। इसमें राजकुमारी सकीना महल का कुछ सामान था। 

- 1970 के दशक में प्रिंस की मां बेगम ने खूब सुर्खियां बटोरीं जब वह महेंगे फारसी कालीन प्रिंस और उनकी बहन और कुछ कुत्तों को लेकर दिल्ली रेलवे स्टेशन के पहले दर्ज़े के वेटिंग रूम में डेरा डाला दिया। बेगम अड़ गईं कि जब तक भारत सरकार उनके परिवार के बलिदान को मान्यता नहीं देती है वो अपने लोगों के साथ यहीं रहेंगी। उनका दावा था कि उनके परिवार ने 1857 में ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ भड़के विद्रोह में सक्रिय भूमिका निभाई थी.सरकार ने इन्हें एक घर दिया जिसका नाम मालचा महल था। दरअसल यह एक मध्यकालीन शिकारी पड़ाव था। यह दिल्ली के रिज क्षेत्र के जंगल में है।

- राजकुमारी सकीना और राजकुमार अली रजा की शादी बचपन में ही हो गई थी। यह जानकारी भी प्रिंस ने करीब दो साल पहले बातचीत में दी थी। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि शादी किसके साथ हुई थी। उन्होंने ये भी बताया था कि राजकुमारी सकीना महल ने ब्रिटिश टीचर्स से अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं की तालीम ली थी। दोनों की ही उम्र करीब 60 से 65 के आसपास रही होगी।