डीरजिस्टर्ड कंपनियों के बैंक खातों से नोटबंदी के दौरान 21 हजार करोड़ का लेनदेन

नई दिल्ली(6 दिसंबर): सरकार को नोटबंदी के दौरान कुछ कंपनियों की तरफ से बैंकों के साथ 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेनदेन होने के बारे में पता चला है। इन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन अब खत्म किया जा चुका है। 

- मुखौटा कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार की तरफ से चलाए गए अभियान के दौरान पता चला कि नोटबंदी के दौरान 62,300 कंपनियों के 88,000 बैंक खातों से लेनदेन में अप्रत्याशित उछाल आया था। बैंकों की तरफ से मुहैया कराए गए डेटा से इसका पता चला है। ये सभी खाते उन कंपनियों के हैं, जिनको दो साल से ज्यादा समय तक निष्क्रिय रहने या रेगुलेटरी नियमों का पालन नहीं करने के चलते रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की लिस्ट से हटा दिया गया है। कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री को अब भी बैंकों से 1.6 लाख कंपनियों के डिटेल मिलने का इंतजार है। 

- सरकार ने ऐसी कंपनियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए इनके डेटा सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज, फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ शेयर किए हैं। सरकार ने उन कंपनियों के तीन लाख से ज्यादा डायरेक्टर्स को डिस्क्वालिफाइड कर दिया है जिन्होंने मार्च 2016 में खत्म तीन साल के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और या एनुअल रिटर्न दाखिल नहीं किए थे।