राम रहीम यौन शोषण मामला: पंजाब की सड़कों पर पैरामिलिट्री फोर्सेज की 85 कंपनियां तैनात

नई दिल्ली(24 अगस्त): डेरा प्रमुख संत राम रहीम के मुकदमें का फैसला आना है लेकिन उसके पहले दो राज्यों की सरकारे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये जद्दोजहद करती दिखाई दे रही हैं। बड़ी संख्या में डेरा समर्थकों के जमावड़े ने हरियाणा और पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है। पंजाब पुलिस ने अपने करीब 11000 मुलाजिमों को पंजाब की सड़कों पर उतारे हैं। इसके अलावा 85 कंपनियां पैरामिलिट्री फोर्सेज की भी पंजाब में तैनात हैं और गुरुवार रात तक और भी कंपनियों की तैनाती पंजाब में की जा सकती है। 

- पंजाब ने वीआईपी सुरक्षा में लगे अपने 1000 पुलिस मुलाजिमों को भी वापस बुला कर पंजाब की सड़कों पर उतार दिया है। पंजाब रोडवेज ने हरियाणा जाने वाली अपनी सभी बसों के रूट रद्द कर दिए हैं।

- डेरा समर्थकों ने पहले ही चेतावनी जारी कर रखी है कि अगर फैसला डेरा प्रमुख के खिलाफ जाता है तो वे सड़कों पर उतरेंगे।

- उधर  डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम सिंह की पेशी को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।

-  डेरा प्रमुख पर एक साध्वी ने यौन शोषण का आरोप लगाया है जिस पर पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत 25 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी।

- फैसले के मद्देनजर पंचकूला छावनी बना हुआ है। बड़ी संख्या में डेरा समर्थक इक्टठा होने लगे हैं। पंचकूला के सेक्टर 23 स्थित नामचर्चा घर में करीब 10 हजार से ज्यादा डेरा समर्थकों के एकत्रित हो चुके हैं।

-  प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। इसके मद्देनजर चंडीगढ़ सेक्टर 16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम को 25 अगस्त के लिए टेम्परेरी जेल बनाया गया है साथ ही पूरे प्रदेश में धारा 144 लगा दी गई है।

- राज्य के स्कूल कॉलेजों को दो दिनों के लिये बंद कर दिया गया है। सरकारी कार्य़ालय भी 24 और 25 अगस्त को बंद रहेंगे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों को भी तैयार रहने को कहा गया है।

- बताया जा रहा है कि  करीब एक लाख डेरा समर्थक चंडीगढ़ और पंचकुला में पहुंच चुके हैं।

- उनके खाने पीने का भी इंतजाम बाबा समर्थकों की ओर से किया गया है।

- ऐसे में सबकी निगाहें 25 अगस्त के फैसले पर टिकी हैं जिससे इन दोनों राज्यों की शांति व्यवस्था जुड़ी हुई है।