डिप्रेशन में महाराष्ट्र पुलिस के जवान, वापस लिए जाएंगे हथियार!

सिद्धांत मिश्रा (10 अगस्त): मुंबई जीआरपी ने फरमान निकाला है कि अब अगर कोई भी पुलिस वाला डिप्रेशन में है तो उससे वापस लिए जाएंगे हथियार और उसे तुरंत स्पॉट करके लाइट ड्यूटी में डिप्लॉय किया जाएगा।

GRP का यह आदेश उस वक्त सामने आया है, जब कुछ दिन पहले एक रेलवे पुलिस में पेट्रोलिंग ड्यूटी में कार्यरत कॉन्स्टेबल ने खुद को सर्विस SLR से गोली मारकर मौत के घाट उतार लिया। यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी मुंबई पुलिस में कार्यरत कई जवानों ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। मुंबई पुलिस के बाद अब GRP ने यह कदम उठाया है। अगर साइकोलॉजिस्ट की मानें तो इस तरह के मरीज समाज के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं। यही वजह है कि इनसे हथियार तुरंत ले लेना चाहिए।

ऐसे होगी डिप्रेश जवान की पहचान... - सबसे पहले महाराष्ट्र भर में सभी पुलिस वालों को फॉर्म दिया गया। इस फॉर्म में कई सवाल है जो पुलिस वालों से पूछे गए हैं। - इन फॉर्म्स को भरे जाने के बाद डॉक्टर्स और पुलिसवालों की टीम को भेजा जाता है। वह फॉर्म के जरिए एनालाइज करते हैं कि कौन सा पुलिस वाला डिप्रेशन में है या डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। - उसके बाद पुलिसवालों को बुलाकर उनकी काउन्सलिंग की जाती है और उनकी समस्या जानकर, उसका समाधान निकाला जाता है। - इसके बाद पुलिसवालों को साइकोलॉजिस्ट के पास इलाज के लिए भेजा जाता है और पुलिसवालों के हथियार वापस लेकर उनके लाइट ड्यूटी या क्लेरिकल जॉब में डिप्लॉय किया जाता है।

अगर एक आंकड़े की मानें तो साल 2006 से लेकर 2011 तक 200 से ज़्यादा महाराष्ट्र पुलिस के जवानों ने आत्महत्या की है। 2002 से लेकर 2012 तक 168 सिर्फ मुंबई पुलिस के जवानों ने आत्महत्या की है।