बैंक खातों में जमा पैसे की जांच एक चुनौती है: पूर्व सीबीडीटी प्रमुख

नई दिल्ली ( 19 दिसंबर ): केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुधीर चंद्र ने कहा कि बड़े नोटों के बैन के बाद आयकर विभाग के लिए बैंक खातों में जमा सभी नकदी की जांच चुनौती पूर्ण है।  

भारत में 45 करोड़ बैंक खाते हैं। अगर हम एक फीसद खाते की भी जांच करते हैं, तो 45 लाख मामलों की जांच करनी होगी। क्या यह संभव है। कोई संभावना नहीं है। श्री चंद्र ने कहा कि आयकर विभाग में 4000-5000 अधिकारी कार्यरत हैं। अगर प्रत्येक को 100 मामले जांच के लिए दे दी जाएं, तो भी जांच एक बहुत लंबा समय लग सकता है।  

उन्होंने कहा कि 1961 की मौजूदा आयकर अधिनियम के अनुसार, अगर कोई अधिकारी आयकर संबंधित कोई जांच करता है तो उसे उस केस को दो साल में पूरा कर देना होता है।

दो साल में जांच का निष्कर्ष निकाला जा सकता है। यह कैसे होगा? इसलिए विभाग को बहुत चयनात्मक होना पड़ेगा। सुधीर चंद्र ने कहा कि नोटंबदी के बाद पिछले एक महीने के अंदर उन्होंने कई परिवारों में इसके प्रभाव को देखा।

अब कई परिवार बेटी की शादी के लिए पैसे की वचत की जगह हर 10-20 ग्राम सोना खरीदना शुरू कर दिया है। अगर 500 ग्राम से अधिक सोना भी खरदीते हैं, तो डर है। हाल ही में सरकार ने कहा था कि विवाहित महिलाएं 500 ग्राम, अविवाहित महिलाएं 250 ग्राम और पुरुष 100 सोना रख सकता है। अगर इससे अधिक सोना रखने पर आयकर विभाग जब्त कर सकता है।

उन्होंने डिजिटल के बारे में कहा कि जो लोग 50 वर्ष के हैं उनको कार्ड से भुगतना करने की आदत नहीं है। वे आमतौर यहां तक कि रेस्तरां के लिए भी नकद भुगतान करते हैं।  सीनियर सीटिजन और महिलाएं भविष्य के बचत को लेकर बहुत आशंकित हैं।