बैंक खातों में रखने पैसे पर भी सरकार की नजर, किसी हाल में नहीं छोड़ेगी

नई दिल्‍ली (3 दिसंबर): नोटबंदी के जरिए कालेधन को सफेद करके अकाउंटों में भरने वाले लोगों पर सरकार की तीखी नजर है। इसी बारे में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बैंक खातों में सिर्फ पैसे जमा कर देने मात्र से कालेधन को सफेद नहीं किया जा सकता है।

जेटली ने कहा क‍ि पैसे जमा करने वाले टैक्‍स देने की जिम्‍मेदारियों से बच नहीं सकते हैं। अटकलें लगाना लोगों का काम है। सिर्फ बैंक खातों में जमा कर देने मात्र से काला धन सफेद नहीं हो जाता है। इन पैसों पर टैक्स तो देना ही होगा।

जीएसटी मीटिंग के बारे में वित्‍त मंत्री ने कहा, 'जीएसटी काउंसल में केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी कानूनों के मसौदे पर चर्चा हुई लेकिन फिलहाल इस पर सहमति नहीं बन पाई है। सहमति बनने में कुछ समय लगेगा। कानूनों के मसौदे पर सहमति के लिये जीएसटी काउंसल की बैठक 11 और 12 दिसंबर को फिर से होगी।'

वित्‍त मंत्री ने कहा, 'विभिन्‍न करदाता इकाइयों पर दोहरे नियंत्रण को लेकर चर्चा अधूरी रही। जीएसटी काउंसल की अगली बैठक में इस पर आगे बातचीत होगी। जीएसटी काउंसल नोटबंदी का राज्यों के राजस्व पर असर के बारे में भी चर्चा नहीं कर सकती। काउंसल की बैठक के बाद इस मुद्दे पर अनौपचारिक चर्चा हुई। अगली बैठक में दोहरे नियंत्रण के साथ साथ जीएसटी कानून और मुआवजा कानून के मसौदे पर चर्चा होगी।

जब जेटली से जीएसटी को अगले साल एक अप्रैल से लागू करने के बारे में सवाल किया गया तो उन्‍होंने कहा, 'हम अब भी एक अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। इसे लागू करने से पहले हम इससे जुड़े सभी मुद्दों का समाधान करेंगे क्‍योंकि बिना समाधान इसके लागू नहीं किया जा सकता है। मैं बातचीत और सहमति के जरिए इन मुद्दों को दूर करूंगा। मेरे पास इस बारे में गेमप्‍लान है।'