नेशनल हैंडबॉल प्लेयर ने खून से लिखा PM मोदी को पत्र और कर ली आत्महत्या

नई दिल्ली (21 अगस्त): पंजाब के पटियाला में बीस साल की एक होनहार नेशनल लेवल की हैंडबॉल खिलाड़ी पूजा कुमारी ने सुसाइड कर लिया है। सुसाइड इसलिए क्योंकि उसे कॉलेज में हॉस्टल देने से मना कर दिया गया था। सब्जी वेंडर की बेटी पूजा बीए पार्ट टू में पढ़ती थी और हैंडबॉल की शानदार खिलाड़ी थी लेकिन आरोप है कि गरीब होने की वजह से उसे कॉलेज की तरफ से फ्री हॉस्टल सुविधा मुहैया नहीं कराई गई थी। आखिरकार पूजा का शव उसके कमरे से मिला। पूजा ने अपने सुसाइड नोट में पीएम मोदी से परिवार की मदद करने की गुहार भी लगाई है।

ओलंपिक में जब बेटियां मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रही थी। एक मां अपनी खिलाड़ी बेटी की खुदकुशी पर आंसू बहा रही थी। मामला पंजाब के पटियाला की है। यहां एक हैंडबॉल प्लेयर पूजा कुमारी ने सिस्टम से हारकर मौत को गले लिया गया। 

पुजा कुमारी के लिए खेल ही उसकी जिदगी थी, लेकिन उसके कॉलेज के एक टीचर ने जब पूजा कुमारी को हॉस्टल से निकाल दिया, तो पूजा कुमारी पूरी तरह टूट गई। इसके बाद पूजा ने खुद की जान ले ली।

सवालों के घेरे में वो टीचर है, जिसने नियमों को ताक पर हॉस्टल में सीटों का बंटवारा किया, लेकिन फिर पूजा कुमारी ने मरते दम तक आस नहीं छोड़ी थी। खुदकुशी से करीब दो दिन पहले पूजा कुमारी एक और कोशिश करने कॉलेज गई थी, जहां से निराशा ही हाथ लगी।

पूजा खालसा कॉलेज में बीए पार्ट टू की स्टूडेंट थी और उसे हैंडबॉल की प्रैक्टिस में भाग लेने के लिए रोज अपने घर से आना पड़ता था। पूजा ने कहा है कि कॉलेज में फ्री होस्टल नहीं मिलने से उसे हर महीने तीन हजार सात सौ बीस रुपये खर्च हो रहे थे और पूजा के पिता सब्जी वेंडर प्रभु की ऐसी हालत नहीं थी कि वो ये खर्च उठा सकें। हालांकि आरोपों पर खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल धरमिंदर सिंह उभा का कहना है कि पूजा को गरीबी कोटे से ही कॉलेज में दाखिला दिया गया था।

बहरहाल सिस्टम से हारकर एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने मौत को गले लगा लिया,और मसला अब पुलिस की जांच का हैं,सवाल है कि क्या पूजा को इंसाफ मिलेगा।