नोटबंदी के बाद महिलाओं के खाते में जमा हुआ इतना पैसा, तो सरकार दे सकती है बड़ी राहत

नई दिल्ली (2 जनवरी): नोटबंदी के बाद खातों में रकम जमा कराने को लेकर सरकार घरेलु महिलाओं का बड़ी राहत देने पर विचार कर रही है। सूत्रों की माने तो 8 नवंबर के बाद गृहणियों ने अगर अपने खाते में 2.5 लाख रुपये तक जमा करवाई है तो आयकर विभाग उनसे पूछताछ नहीं करेगा। हालांकि कामगाजी महिलाओं को इस छूट के दायरे से बाहर रखा जा सकता सकता है।

बताया जा रहा है कि गृहणियों की घरेलू बचत की सालाना लिमिट पर भी सरकार विचार कर रही है। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री में मुख्य सचिव जल्द ही वित्त मंत्रालय और नीति आयोग के बीच बैठक भी होगी। और उस बैठक के बाद सरकार महिलाओं की सालाना बचत की सीमा और डिपॉजिट को लेकर नोटिफिकेशन जारी करेगी।

इससे पहले नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने टैक्स नियमों में बदलाव का सरकार को सुझाव दिया था। पनगढ़िया ने पीएमओ को पत्र लिखकर कहा था कि 8 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच पुराने नोट जमा करने वाले लोगों, खासकर महिलाओं को परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा था कि जो औरतें अपने पास जो पैसे बचाकर बैंक में जमा करती हैं, उस पर सालाना टैक्स छूट के मामले में काई 'उदार' फॉर्मूला होना चाहिए।

एक अंग्रेजी अखबार के सूत्रों के हवाले से लिखा पनगढ़िया ने पीएमओ को लिखे लेटर में सुझाव दिया है कि 2.5 लाख रुपये तक के पुराने नोट जमा करने वालों से कोई सवाल न पूछा जाए। उन्होंने कहा कि इससे टैक्सपेयर्स और टैक्स अध‍िकारियों, दोनों को राहत मिलेगी, क्योंकि पिछले 50 दिनों में काफी बड़ी संख्या में लोगों ने पुराने नोट जमा किए हैं। इस दौरान 2 लाख से ऊपर की रकम जमा करने वाले लोगों के बारे में जानकारी बैंकों द्वारा इनकम टैक्स विभाग को हर दिन दी जाती रही। पनगढ़िया ने कहा कि नोटबंदी से अब टैक्स के नियमों में भी कुछ फेरबदल का समय आ गया है। टैक्स नियमों को सरल बनाया जा सकता है और सरकार टैक्स दरों को कम रख सकती है।