हाजिर हों RBI गवर्नर उर्जित पटेल ! , लोक लेखा समिति ने 20 जनवरी को किया तलब


नई दिल्ली (10 नवंबर): नोटबंदी के मुद्दे पर संसद की लोक लेखा समिति ने रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और वित्त मंत्रालय के तीनों सचिवों को 20 जनवरी को तलब किया है। इसके लिए संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और सांसद केवी थॉमस ने रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और वित्त मंत्रालय के तीन सचिवों को नोटिस भेजा है।


दरअसल, लोक लेखा समिति एक संसदीय समिति है जिसका प्रमुख परंपरागत रूप से विपक्ष का नेता होता है, फिलहाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवी थॉमस लोक लेखा समिति के अध्यक्ष हैं। बताया जाता है कि लोक लेखा समिति प्रधानमंत्री समेत किसी को भी जवाब तलब कर सकती है।

इस बीच नोटबंदी के मुद्दे पर रिजर्व बैंक ने सारी जिम्मेवारी सरकार के खाते में डाल दी है। वित्त मामलों की संसदीय समिति को भेजे गये अपने जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा है कि नोटबंदी का फैसला सरकार की सोच थी और जब उसके पास यह प्रस्ताव आया तो उसके पास अधिक समय नहीं बचा था। आरबीआइ ने कहा है कि यह फैसला सरकार की सलाह पर लिया गया है और उसे इसके बारे में 7 नवंबर 2016 को सूचना दी गयी कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बंद करना है।


रिजर्व बैंक ने कहा है कि आरबीआइ बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को सहमति दे दी गयी। 7 नवंबर को आरबीआई को प्रस्ताव भेजे जाने के अगले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की रात 8 बजे 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रतिबंधित करने का एलान कर दिया और इसके पीछे उन्होंने कालाधन, भ्रष्टाचार, नकली नोट एवं आतंकवाद के प्रश्रय को रोकने को कारण बताया था।