छपेंगे आधे नोट, लेकिन 30 दिसंबर तक खत्म होगी कैश की किल्लत

नई दिल्ली (2 दिसंबर): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दावा किया है कि 30 दिसंबर देश के कैश की किल्लत से निजात मिल जाएगी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि नए लीगल नोटों की संख्या उतनी नहीं होगी, जितनी पुराने 500-1000 के नोटों की थी। वित्त मंत्री के मुताबिक सर्कुलेशन में आने वाली नई करंसी की संख्या बाहर हुई 86 फीसदी की आधी यानी 43 फीसदी ही होगी। नोटबंदी के बाद करीब 15 ट्रिलियन यानी 15 लाख करोड़ रुपए सर्कुलेशन से बाहर हो गए हैं और सरकार इस राशि के आधा या इससे थोड़ा ज्यादा नई करंसी के नोट ही सर्कुलेशन में लाएगी।

अरुण जेटली के मुताबिक देश के चार बैंक नोट प्रिंटिंग प्रेस की क्षमता को देखते हुए इन नए नोटों को छापने में कुछ महीनों का समय लगेगा। लेकिन कैश की किल्लत की परेशानी ज्यादा दिन नहीं रहेगी। हालांकि तीन महीने तक इसका असर देखने को मिलेगा। 

फिलहाल RBI 2000 के के अलावा 500 के नोट ज्यादा छापने पर जोर दे रही है। फिलहाल वेतन की समस्या से निपटने के लिए सरकार सैलरी अकाउंट वाले बैंकों को 30 फीसदी ज्यादा कैश दे रही है। 

अबतक 500-1000 के तकरीबन साढ़े आठ लाख करोड़ पुराने नोट बैंकों में जमा हो चुके हैं। इनमें से तकरीबन 34 हजार करोड़ रुपये बदले गए हैं और 2 लाख 16 हजार लोगों ने अबतक खाते और एटीएम के जरिए पैसे निकाले हैं।

8 नवंबर को नोटबंदी के बाद 15 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हो गई। इनमें 500 रुपए के 1650 करोड़ नोट यानी 8.25 लाख करोड़ रुपए चलन में थे। वहीं 1000 रुपए के 670 करोड़ नोट यानी 6.70 लाख करोड़ रुपए चलन में थे। देश में चल रही करंसी में इन दोनों की हिस्सेदारी 87 फीसदी थी। पीएम मोदी के एक ऐलान से महज 4 घंटे में 15 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हो गई।