नोटबंदी की मार, इन 5 सेक्टरों की बुरी तरह से टूटी कमर

नई दिल्ली (30 नवंबर): नोटबंदी के 22वें दिन बाद भी देशभर में नगदी की भारी किल्लत है। कैश की कमी की वजह से लोग अपनी दैनिक जरूरतों को भी ठीक से पूरा नहीं कर पा रहे हैं। बड़ी खरीददारी क्या लोग रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जरूरत की चीजें भी खरीदने से बच रहे हैं। 

नोटबंदी के बाद अबतक देशभर के बैंकों में 500 और 1000 के 8 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा के नोट जमा हो चुके हैं, जबकि एक चौथाई महज 2 लाख करोड़ ही नोट ही लोगों तक पहुंच पाए हैं। पर्याप्त मात्रा में कैश न मिलने के कारण कई ऐसे क्षेत्र हैं जो बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। दैनिक उपयोग की चीजें और मंहगी चीजों की बिक्री बुरी तरह से प्रभावित हुई है। 

जानकारों के मुताबिक इस नोटबंदी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और GDP में दो फीसदी तक गिरावट हो सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 21-22 दिनों में ये पांच सेक्‍टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं-

1- ई कॉमर्स कंपनियों यानी जिनका धंधा ऑनलाइन होता था वह नोटबंदी से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ई कॉमर्स सेक्टर में 60 से 70 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। खासकर कैश ऑन डिलीवरी का काम ज्यादा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ग्राहकों को कई तरह के ऑफर देने के बाद भी व्यापारियों को 10 लाख रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ा है।

2- महंगे मोबाइल फोन का धंधा भी इस दौरान एक कठिन दौर से गुजर रहा है। लोगों के पास फोन खरीदने के लिए नगदी नहीं है। इतना ही नहीं कई कंपनियों ने नोटबंदी की वजह से नए फोन भी बाजार में उतारने से बच रही हैं।

3- ऐसा माना जा रहा है कि आम लोगों के उपयोग में आने वाले वाहनों की बिक्री में नवंबर महीने में 40 से 50 फीसदी गिरावट हुई है। दो पहिया वाहनों और महंगी कारों की बिक्री बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

4- रिपोर्ट के अनुसार, होटल और टूरिज्म सेक्टर भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। नोटबंदी के चलते अब विदेशी पर्यटक भी बहुत कम संख्या में आ रहे हैं। यहां तक की भारतीय भी बहुत कम संख्या में अब बाहर घूमने के लिए निकल रहे हैं क्योंकि उनके पास नगदी की कमी है। दिल्ली के होटल और रेस्टोरेंट्स में 28 फीसदी कम बुकिंग हो रही है।

5- खुशी की बात यह है कि पीएम मोदी जिस डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देना चाहते हैं उसके तहत लोग अब ऑनलाइन टिकट खरीदने लगे थे लेकिन नोटबंदी से यह यहां भी लोगों की भीड़ कम हई है। जब से नोटबंदी का ऐलान हुआ तब से बहुत से सिनेमा हॉल्स में दर्शकों की कमी देखने को मिल रही है।