कैश की किल्लत खत्म होते ही मंद पड़ी डिजिटल पेमेंट की रफ्तार

मुंबई (19 जनवरी): नोटबंदी के ऐलान के बाद देशभर में कैश की भारी किल्लत थी। इस दौरान बड़े पैमाने पर लोगों ने कैशलेस इकोनॉमी को अपनाते हुए डिजिटल पेमेंट के जरिए अपनी जरूरतों को पूरा किया। इस दौरान कार्ड पेमेंट की सुविधा देनेवाली कंपनियों का बिजनेस 30 फीसदी तक बढ़ गया था। लेकिन कैश की किल्लत  खत्म होते ही दिसंबर के आखिरी सप्ताह और शुरुआती जनवरी में कैशलेस पेमेंट में भारी गिरावट दर्ज की गई।

एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ सप्ताह से कार्ड से लेन-देन में वृद्धि की रफ्तार कम हो गई है। हालांकि इसमें बढ़ोतरी अभी भी जारी है, लेकिन तेजी की रफ्तार सुस्त पड़ गई है।

एक ओर छोटे-छोटे अमाउंट का कार्ड पेमेंट कम हुआ है तो दूसरी ओर नोटबंदी के ऐलान के बाद छोटे शहरों में कैशलेस ट्रांजैक्शन की अचानक पकड़ी रफ्तार अब मंद पड़ने लगी है। छोटे शहरों में ये आंकड़े 15 और 30 फीसदी है।