30 दिसंबर के बाद सरकार दे सकती है बहुत बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली (17 दिसंबर): नोटबंदी का आज 38 वां दिन है लेकिन कैश की अभी भी देशभर में भारी किल्लत है। लोग कैश के लिए बैंक और एटीएम के बाहर घंटों लाइन लगने के लिए मजबूर है। फिलहाल 30 दिसंबर तक बैंक और एटीएम से कैश निकालने की सीमा तया है। सरकार ने साफ किया है कि 30 दिसंबर के बाद बैंकों और एटीएम से पैसे निकालने की सीमा बढ़ान पर विचार किया जा सकता है। अभी बैंकों से एक हफ्ते में 24 हजार निकालने की छूट है। वहीं एक एटीएम कार्ड से एक दिन में 2500 रुपए निकाले जा सकते हैं।

दरअसल सरकार की चिंता नोटबंदी के बाद भारी तादाद में पकड़े जा रहे नए नोटों ने बढ़ा दी है। कालेधन के नटवरलाल बैंककर्मियों की मिली भगत से भारी तादाद में बैंकों से नोए नोट निकाल चुके हैं और सरकार की लाख सख्ती के बाद ये सिलसिला जारी है। जिन नए नोटों को आम लोगों के लिए बैंक और एटीएम में होना चाहिए वो कालेधन के कारोबारियों के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे में सरकार के लिए फिलहाल बैंक और एटीएम के कैश निकालने की सीमा को बढ़ाना थोड़ा मुश्किल लग रहा है।

नोटबंदी के बाद कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग अब तक 316 करोड़ कैश बरामद कर चुका है  और 76 करोड़ की ज्वैलरी जब्त की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक इस दौरान 2600 करोड़ की अघोषित आय का भी पता चला है।

हालांकि सरकार ने कालेधन के कारोबारियों को अपने पैसे सफेद करने के लिए एक और मौका देते हुए 31 मार्च तक छूट भी दी है। ऐसे लोग 50 फीसदी तक टैक्स और जुर्माना भरकर अपनी काली कमाई सफेद करवा सकता है।

नए नियम के मुताबिक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत यदि नकद या बैंक या फिर डाकघऱ में जमा 1 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा करना है तो सबसे पहले 49 लाख 90 हजार रुपये बतौर टैक्स, जुर्माना और सरचार्ज के तौर पर सरकारी खजाने में देना होगा। जुर्माने की रसीद पर छपी तारीख से 25 लाख रुपये चार साल के लिए फिक्स्ड डिप़ॉजिट में चला जाएगा। इस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। बाकी बची 25 लाख 10 हजार रुपये की रकम नियमों के मुताबिक बैंक से निकाल सकेंगे. एफडी के 25 लाख रुपये चार साल बाद मिलेंगे।