नोटबंदी की पहले ही RBI ने छाप लिए थे करीब 5 लाख करोड़, फिर भी आम आदमी परेशान

नई दिल्ली (24 दिसंबर): नोटबंदी का आज 46वां दिन है और देशभर में आज भी कैश की भारी किल्लत हैं। क्रिसमस के मौके पर भी भारी तादाद में लोगों को कैश नहीं मिल पाया है, जिससे लोगों में मायूसी है। वहीं एक RTI से मिली जानकारी के मुताबिक नोटबंदी यानी 8 नवंबर से पहले RBI ने तकरीबन 5 लाख करोड़ रुपये के 2000 के नोट छाप लिए लिए थे। लेकिन 19 दिसंबर तक RBI ने 4.07 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नए नोट बैंकों को उपलब्ध कराया। यानी नोटबंदी के पहले छपे नोटों में से तकरीबन 1 लाख करोड़ रुपये अब भी RBI के पास ही बचे हुए हैं।

8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद भी नए नोटों के छपने का काम जारी रहा और माना जा रहा है कि इस दौरान प्रिंटिंग प्रेसों ने पूरी क्षमता के साथ नोट छापे। नोट छापने वाले देश के कुल 4 प्रिटिंग प्रेसों की क्षमता के मद्देनजर नवंबर के दूसरे सप्ताह से करीब-करीब 2 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 और 500 रुपये के नोट छप गए होंगे। यानी 19 दिसंबर तक तकरीबन 7 लाख करोड़ रुपये छप चुके होंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि  RBI ने बैंको को उस अवधि तक 4 लाख करोड़ रुपये ही बैंकों को क्यों उपलब्ध कराया।