नोटबंदी के बाद से 2 हजार करोड़ के ‘कालेधन’ का खुलासा

नई दिल्ली ( 7 दिसंबर ): नोटबंदी के ऐलान के बाद दो हजार करोड़ रुपए के कालेधन का खुलासा हो चुका है। जबकि आयकर विभाग ने अब तक 130 करोड़ रुपये की नकदी और आभूषण जब्त किए हैं। यह बात मंगलवार (6 दिसंबर) को वित्त मंत्रालय द्वारा बताई गई। 

आयकर विभाग ने मंगलवार को बताया कि करीब 30 मामले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई को जांच के लिए सौंपे गए हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान में कहा है कि विभाग ने 8 नवंबर के बाद करीब 400 मामलों के जांच में तेजी की है। विभाग, ईडी और सीबीआई द्वारा गड़बड़ियों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है।

सीबीडीटी ने कहा, आयकर कानून से आगे गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद ऐसे मामलों को प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई के पास भेजने का फैसला किया गया है। 30 से अधिक मामले ईडी के पास पहले ही भेजे जा चुके हैं और इन्हें सीबीआई को भी भेजा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 8 नवंबर को कालेधन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 और 1,000 के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। एक अनुमान के मुताबिक करीब 14 लाख करोड़ रुपये के बड़े नोट चलन में थे।

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 27 नवंबर तक बैंकों में 8.45 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा हो चुके थे। ईडी और सीबीआई को भेजे मामलों का ब्योरा देते हुए सीबीडीटी ने कहा कि उसकी मुंबई इकाई ने एक ऐसा मामला भेजा है, जिसमें 80 लाख रुपये के बड़े नोट पकड़े गए हैं। जबकि बेंगलुरु की जांच इकाई ने सबसे अधिक 18 मामले ईडी को भेजे हैं। इसमें भी बड़ी मात्रा में पुराने नोट जब्त किए गए हैं। इसके अलावा लुधियाना इकाई ने दो मामले, हैदराबाद इकाई ने पांच लोगों से 95 लाख की नकदी जब्त करने का मामला भेजा है।

इसी तरह पुणे की इकाई ने एक गैर आवंटित लॉकर से 20 लाख रुपये मिलने का मामला भेजा है, जिसमें 10 लाख रुपये के नये नोट शामिल हैं। यह लॉकर शहरी सहकारी बैंक का है। इस लॉकर की चाबी बैंक के सीईओ के पास थी। भोपाल इकाई ने दो सर्राफा कारोबारियों के खिलाफ मामले भेजे हैं। दिल्ली इकाई ने भी एक्सिस बैंक की कश्मीरी गेट शाखा के दो बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला भेजा है।