नोटबंदी से पाक परेशान, डिप्लोमैट्स की सैलरी 'फंसने' पर दी धमकी

नई दिल्ली(3 दिसंबर): नोटबंदी का असर डिप्लोमेसी पर भी पड़ा रहा है। नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के डिप्लोमैट्स ने भारतीय बैंक से डॉलर में मिलने वाली अपनी सैलरी लेने से मना कर दिया है।

- इस्लामाबाद ने नई दिल्ली से कड़ा ऐतराज जताते हुए धमकी दी है कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

- बता दें कि अमृतसर में होने वाली हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले यह सब कुछ हो रहा है। कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज को भी हिस्सा लेना है।

- दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक स्तर पर पिछले 3 दिनों से तनाव चल रहा है। डिप्लोमैट्स अपनी टैक्सफ्री सैलरी को डॉलर में निकाल सकते हैं। भारत में, अगर कोई डिप्टोमैट 5 हजार अमेरिकी डॉलर तक निकालता है तो उसे इसके लिए किसी कागजात की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन नोटबंदी की वजह से डॉलर्स की डिमांड में इतनी तेजी आई है कि इसकी कमी महसूस होने लगी है। 

- पाकिस्तानी उच्चायोग के स्टाफ की सैलरी अकाउंट आरबीएल बैंक में है जो प्राइवेट सेक्टर का बैंक है। बैंक अब डिप्लोमैट्स से डॉलर की निकासी पर 'लेटर्स ऑफ परपज' मांगने लगा है, भले ही वह 5 हजार डॉलर से कम निकालें या ज्यादा।

- पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। पाक ने कहा है कि अगर भारत में उसके स्टाफ को पहले की तरह डॉलर्स में सैलरी निकालने नहीं दिया गया, तो इसे वियना प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाएगा। इतना ही नहीं, पाकिस्तान बदले की कार्रवाई पर भी विचार कर सकता है, जिससे उसके यहां तैनात भारतीय डिप्लोमैट्स को भी सैलरी निकालने में दिक्कत हो सकती है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि भारत इस समस्या को हल करने के लिए पाकिस्तान की संबंधित एजेंसियों से बातचीत कर रहा है।