साल 2016 की सबसे बड़ी मुश्किल थी नोटबंदी

नई दिल्ली (31 दिसंबर): हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों के लिए साल 2016 में एक सफर। एक मंज़िल और एक ही खुदा बन गए था एटीएम व बैंक। हर दुआ में भी शामिल थे एटीएम और बैंक। प्रधानमंत्री के एक फैसले ने 50 दिन तक देश के करोड़ों लोगों को लाइन में लगा दिया। हिंदस्तान के इतिहास में ये मंज़र इससे पहले कभी देखा नहीं गया था।

एटीएम और बैंक के बाहर लाइन में लगना 50 दिन तक लोगों के लिए रोज़मर्रा का काम बन गया। फिल्म ऐ दिल है मुश्किल ने तो साल 2016 में 100 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की, लेकिन देश का आम आदमी एक-एक रुपए के लिए मोहताज नज़र आया। फिल्म तो नोट बंदी में भी नैय्या पार कर गई, लेकिन 2016 में सबसे ज्यादा मुश्किल में कोई था तो वो लाइन में खड़ा हर शख्स।

देश ने पहली बार एटीएम के बाहर 2-2 किलोमीटर लम्बी लाइन लगी देखीं। कोई लाइन में लगकर बेहोश हो गया तो किसी को लाइन में ही दिल का दौरा पड़ गया। घंटों धूप में खड़े होकर देश के ऐसे वीर जवान निढाल नहीं हुए, क्योंकि पैसे से परिवार का पेट जो पालना था। कोई ऑफिस जाने से पहले लाइन में लगता तो कोई ऑफिस से आते ही लाइन में लगा दिखाई दिया।

नोटबंदी के 50 दिनों में तो देश में एक अजीब रोज़गार पैदा हो गया। बेरोज़गारों को लाइन में लगने के पैसे मिलने लगे यानी साल 2016 की सबसे बड़ी मुश्किल थी नोटबंदी।