भ्रष्टाचार औऱ कालेधन के खिलाफ इस लड़ाई को हमें रुकने नहीं देना : पीएम मोदी

नई दिल्ली (31 दिसंबर): नोटबंदी की सीमा खत्म होने और नए साल से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद की घटनाओं से यह सिद्ध हो चुका है कि लोग करप्शन के घुटन से मुक्त होना चाहते हैं।

- मैं देश के युवाओं से, व्यापारी वर्ग से, किसानों से आग्रह कहता हूं कि BHIM से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें- छोटे कारोबारियों को टैक्स में 2 फीसदी की छूट- सरकार सीनियर सिटीजनों को बैंक में ज्यादा पैसा आने पर डिपॉजिट रेट घटा देते हैं। वरिष्‍ठ नागरिकों पर इसका असर ना पड़े  7.5 लाख रुपये तक की राशि पर 10 साल तक सालाना 8 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। वरिष्‍ठ नागरिक इसे हर माह ले सकता है। 

- गर्भवती महिलाओं के लिए एक देशव्यापी योजनाओं की शुरुआत की जा रही है। 650 जिलों में सरकार गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में पंजीकरण, टीकाकरण के लिए 6000 रुपये की आर्थिक मदद करेगी। यह राशि सीधे उनके खातों में जमा की जाएगी।- छोटे कारोबारियों के लिए कैश क्रैडिट गारंटी 1 करोड़ से 2 करोड़ हुई- स्ट्रिक्ट कॉपरेटिव सेंट्रल बैंक और प्राइमरी सोसायटी से जिन किसानों ने खरीफ और रबी की बुवाई के लिए कर्ज लिया था। उस कर्ज के 60 दिन का ब्याज सरकार वहन करेगी और किसानों के खातों में ट्रांसफर करेगी- अगले तीन महीने में 3 करोड़ किसान क्रेडिट कार्डों को RUPAY कार्ड में बदला जाएगा।

- गांव में गरीब लोगों को 2 लाख रुपये तक के ऋण में 3 फीसदी की छूट दी जाएगी। 

- 2017 में घर बनाने के लिए 9 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज में 4 प्रतिशत की छूट और 12 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज में 3 प्रतिशत की छूट।

- अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों में इस वर्ग को नए घर देने के लिए दो नई स्कीमें बनाई गई हैं।- गरीब लोग घर खरीद सकें, इसके लिए सरकार ने बड़े फैसले लिए।- स्वतंत्रता के इतने साल बाद भी लाखों गरीबों के पास अपना घर नहीं है।- बैंकों के कर्मचारियों ने बहुत मेहनत की, लेकिन कुछ लोगों ने निर्लज्जता से इसका फायदा उठाने की कोशिश की।

- बैंक भी लोकहित और गरीब कल्याण के अवसर को हाथ से ना जाने दे।- बैंक अपनी परंपरागत प्राथमिकताओं से बाहर निकलकर, गरीब, निम्न मध्यवर्ग और मध्यवर्ग को ध्यान में रखकर कार्य करे।- आदतन बेईमान लोगों को भी अब टेक्नोलॉजी की ताकत के कारण, काले कारोबार से निकलकर कानून-नियम का पालन करते हुए मुख्यधारा में आना होगा।- ये सरकार सज्जनों की मित्र है और दुर्जनों को सज्जनता के रास्ते पर लौटाने के लिए उपयुक्त वातावरण को तैयार करने के पक्ष में है।- नागरिकों से ज्यादा जिम्मेवारी अफसरों की है और इसलिए केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय को ईमानदारों की रक्षा और बेईमानों को अलग-थलग करना चाहिए।- क्या आपको नहीं लगता कि देश की भलाई के लिए ईमानदारी के आंदोलन को और अधिक ताकत देने की जरूरत है।- देशवासियों ने जो संकल्प दिखाया है, एक समय आएगा जब इसकी चर्चा बुद्धिजीवी करेंगे।

- किसी एक शहर में आपको सालाना 10 लाख से आय वाले लाखों लोग मिल जाएंगे।- क्या आपको नहीं लगता कि ईमानदारी के लिए आंदोलन को और आगे ले जाना चाहिए।- सरकार के पास दर्ज की गई जानकारी के हिसाब से देश में सिर्फ 24 लाख लोग यह स्वीकारते हैं कि उनकी आय 10 लाख से सालाना है। 

- लोगों को नोटबंदी के दौरान अपने ही पैसे निकालने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा, हमें आपकी कठिनाइयों का अहसास है। 

- भ्रष्टाचार, कालाधन, जालीनोट के खिलाफ लड़ाई में आप एक कदम भी पीछे नहीं रहना चाहते हैं। आपका ये प्यार आशीर्वाद की तरह है।- बैंकिंग व्यवस्था को सामान्य करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।- विशेषकर ग्रामीण इलाकों में, दूर-दराज वाले इलाकों में प्रो-एक्टिव होकर हर छोटी से छोटी कमी को दूर किया जाए।- हिंदुस्तान ने जैसा करके दिखाया है, ऐसा विश्व में कोई उदाहरण नहीं है।- बीते कुछ वर्षों में 500 और 1000 के नोट पैरलर इकॉनोमी में चल रहे थे।- देशवासियों ने जो कष्ट झेला है, वो भारत के उज्जवल भविष्य के लिए नागरिकों के त्याग की मिसाल है।  

- गरीबी से बाहर निकलने को आतुर जिंदगी, भव्य भारत के निर्माण के लिए क्या कुछ नहीं कर सकती।- हर हिंदुस्तानी के लिए सच्चाई और अच्छाई कितनी अहमियत रखती है।- जब हम कहते हैं कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, इस बात को देशवासियों ने जीकर दिखाया है।- दीवाली के बाद की घटनाओं से ये सिद्ध हो चुका है कि करोड़ों देशवासी ऐसी घुटन से मुक्ति के अवसर की तलाश कर रहे थे।- दीवाली के तुरंत बाद हमारा देश ऐतिहासिक शुद्धि यज्ञ का गवाह बना।- भारत के सवा सौ करोड़ नागरिक नया संकल्प, नई उमंग, नया जोश, नए सपने लेकर स्वागत करेंगे।