नोटबंदी को लेकर इनके सामने पेश होंगे पीएम मोदी, देंगे सवालों का जवाब!

नई दिल्ली (9 जनवरी): संसद की लोक लेखा समिति नोटबंदी के मुद्दे पर रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने समक्ष बुला सकती है। समिति ने वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के गवर्नर को नोटबंदी को लेकर विस्तृत प्रश्नावली भेजी है।

पीएसी ने नोटबंदी को लेकर 20 जनवरी को बैठक बुलाई है। इस बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल, वित्त सचिव अशोक लवासा और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास को उपस्थित होंगे। पीएसी के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता केवी थॉमस ने कहा कि हमने जो सवाल उन्हें भेजे थे, उनका अभी जवाब नहीं मिला है। वे 20 जनवरी की बैठक से कुछ दिन पहले जवाब भेजेंगे। जो जवाब मिलेंगे उन पर विस्तार से चर्चा होगी।

यह पूछे जाने पर कि जवाब यदि संतोषजनक नहीं हुए तो क्या पीएसी प्रधानमंत्री को बुला सकती है, थॉमस ने कहा कि समिति को मामले में शामिल किसी को भी बुलाने का अधिकार है। हालांकि, यह 20 जनवरी की बैठक के परिणाम पर निर्भर करता है। अगर सभी सदस्य सर्वसम्मति से तय करते हैं तो हम नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को भी बुला सकते हैं।

समिति ने पूछे हैं यह मुख्य सवाल...

- निर्णय प्रक्रिया में कौन शामिल था?

- नोटबंदी के बाद कितना पैसा बैंकों में आया है?

- क्या ऐसा कोई कानून है जो लोगों को अपने ही धन तक पहुंचने से रोक सकता है?

- अर्थव्यवस्था में वापस कितना धन डाला गया है?

- क्या इससे कालेधन की समस्या का समाधान हुआ?

- अर्थव्यवस्था और गरीब पर इसका क्या असर पड़ा?