ऑपरेशन ब्लैक मनी पार्ट 2: 600 करोड़ की 400 बेनामी ट्रांजैक्शंस का पता लगाया

नई दिल्ली (31 अगस्त): नोटबंदी के बाद करीब 16 हजार करोड़ रुपये ही वापस बैंकों में जमा नहीं हुए। हालांकि सरकार का कहना है कि बैंकों में पैसा आने के साथ ही तो नोटबंदी का असली काम शुरू हुआ है। सरकार के सामने अब चुनौती जमा हुए रुपये की स्क्रूटनी है, जिसमें संभव है कि एक बड़ा हिस्सा ब्लैक मनी का है।

सरकार को नोटबंदी से एक फायदा तो यह हुआ है कि इससे वह लोग भी टैक्स बेस में आ गए हैं, जो अभी तक किसी तरह टैक्स देने से बच जाते थे।

- इस फाइनैंशल इयर की बात करें तो इनकम टैक्स रिटर्न में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
- 5 अगस्त तक फाइल किए गए रिटर्न 2016-17 में इस समय जमा किए गए रिटर्न से 25.3 प्रतिशत ज्यादा हैं।
- पिछले साल 8 नवंबर को 15.4 लाख करोड़ रुपये के नोट बंद कर दिए गए थे, जिसका करीब 99 प्रतिशत वापस बैंकिंग सिस्टम में पहुंच चुका है।
- साफ है कि बैंकिंग सिस्टम में वापस पहुंचा ब्लैक मनी वाइट हो जाएगा, लेकिन उस पर टैक्स लगने के बाद।
- कर विभाग ने 23 मई तक 400 बेनामी ट्रांजैक्शंस का पता लगा लिया था, जिसकी मार्केट वैल्यू 600 करोड़ से ज्यादा थी।
- संभावना है कि अब तक इससे अधिक बेनामी ट्रांजैक्शंस का पता लगा लिया गया होगा।
- यही नहीं नोटबंदी के बाद पैसे के लेन-देन से 2 लाख फर्जी कंपनियों का पता लगा लिया गया है।
- सरकार ने बताया कि 3 लाख रजिस्टर्ड कंपनियां संदेह के घेरे में हैं। साथ ही ऐसी 37 हजार कंपनियों का पता लगाया जा चुका है जो ब्लैक मनी छिपाने और हवाला कारोबार से जुड़ी थीं।