नोटों पर पाबंदी कालेधन के खिलाफ एक अच्छा कदम है: रंगराजन

नई दिल्ली ( 12 नवंबर ) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोट के फैसले को लेकर विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर हमाल बोल रही हैं, तो वहीं रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के पूर्व गवर्नर एवं अर्थशास्त्री सी रंगराजन ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के सरकार के निर्णय को अच्छा कदम बताया है। उन्होंने कहा, कालाधन खत्म करने का यह एक 'मानक नुस्खा'है। रंगराजन ने कहा कि पहले भी इसको आजमाया गया है पर इस दिशा में आगे और कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि कालेधन को रोकने के लिए भविष्य में और भी कदम उठाने होंगे।

पिछली सरकार में प्रधानमंत्री की अर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन रहे रंगराजन ने कहा कि इस नुस्खे को पहले भी इस्तेमाल किया गया था पर 'इस सरकार ने इस बार तीन लक्ष्य रखें हैं। उन्होंने कहा कि इस बार निशाने पर एक तो वे हैं जिन्होंने ने बेहिसाब पैसा दबा रखा है, दूसरे जो जाली नोट चलाते हैं तीसरे आतंकवादियों के लिए धन पहुंचाने वाले हैं।

दूसरे और तीसरे नंबर वाले 'अलग तरह के हैं।' पर जहां तक काले धन पर निशाने का सवाल है तो यह एक अच्छा कदम है। पर उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार ने काले धन पर जो कदम उठाए हैं वे नोटों के रूप में दबाए गए काले धन से निपटने के लिए है।

यह सोने और अचल संपत्तियों के रूप में जमा कालेधन से निपटने वाला कदम नहीं है। साथ ही इसमें भविष्य में कालेधन के रूप में नोट जमा करने पर रोक का कोई प्रबंध नहीं है। इसलिए आगे और भी कदम उठाने होंगे।