10 दिनों में ऐसे सफेद हुए कालेधन!

नई दिल्ली(13 दिसंबर): नोटबंदी के बाद से कालेधन वाले हर तिकड़म निकाल कर किसी तरह अपने पैसे को सफेद कर रहे हैं। कालेधन को सफेद करने में गोल्ड एक अहम जरिया रहा। ऐसे में गोल्ड की मांग भी बढी। बीते महीने के गोल्ड इंपोर्ट का आधिकारिक आंकड़ा तो अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान 72 टन गोल्ड इंपोर्ट हुआ।

- एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक नोटबंदी के बाद से अब तक देशभर के एयरपोर्ट्स से 245 किलो सोना जब्त किया जा चुका है, जबकि 60 करोड़ रुपये कैश पकड़ा गया है।

- अखबार के मुताबिक, इसमें 52 टन यानी 2 अरब डॉलर (तकरीबन 15,000 करोड़) का गोल्ड नोटबंदी के ऐलान के बाद यानी 11-20 नवंबर के दौरान लाया गया। नोटबंदी का ऐलान 8 नवंबर को किया गया था। महीने के पहले 10 दिनों में 10 टन गोल्ड इंपोर्ट हुआ, जबकि महीने के आखिरी 10 दिनों में 11 टन का।

- सूत्र ने बताया, 'नोटबंदी के तुरंत बाद 10 नवंबर से 52 टन गोल्ड इंपोर्ट यह दिखाता है कि काले धन को गोल्ड में कन्वर्ट करने के लिए कुछ बेईमान इकाइयों ने काम किया।' उन्होंने कहा, 'सरकार के लिए पड़ताल करना ज्यादा मुश्किल नहीं है क्योंकि वह यह पता लगा सकती है कि किस बैंक ने संबंधित 10 दिनों में कितना इंपोर्ट किया और किन लोगों को इसकी बिक्री की गई।'

- इंडियन बुलियन ऐंड जूलर्स असोसिएशन (आईबीजीए) के सेक्रटरी सुरेंद्र मेहता ने भी माना कि कुछ संदिग्ध तत्वों ने पूरी जूलरी ट्रेड की इमेज खराब की है। उन्होंने हालांकि दावा किया कि नवंबर में अनुमानित 95 टन के इंपोर्ट में 30 फीसदी ब्लैक मनी का कन्वर्जन हो सकता है, जबकि सूत्र का इस बाबत दावा 70 फीसदी का है। इंडियन बुलियन ऐंड जूलर्स असोसिएशन ने इस सूत्र के उलट अपने अनुमान में रॉ गोल्ड को भी शामिल किया है। उनके अनुमान के आंकड़ों में 75 टन इस महीने के पहले 15 दिनों में इंपोर्ट किए गए।

-मेहता ने बताया, 'हमारे अनुमान के मुताबिक, गोल्ड की कीमत और टैरिफ वैल्यू में गिरावट 16 नवंबर के बाद आई, जब बाकी 25 टन गोल्ड का इंपोर्ट हुआ। नवंबर में मांग दिवाली और टैरिफ वैल्यू में गिरावट के कारण रही, न कि नोटबंदी के असर के कारण। मैं उम्मीद करता हूं कि 30 फीसदी इंपोर्ट सही नीयत से किया गया है। अक्टूबर में गोल्ड का इंपोर्ट 83 टन रहा था।'

-10 से 20 नवंबर के दौरान गोल्ड की औसत कीमत 30,481 रुपये और डॉलर के मुकाबले रुपये का औसत रेट 67.59 मानें तो इंडियन बुलियन ऐंड जूलर्स असोसिएशन का अनुमान का मतलब होगा कि कुल 1.24 अरब डॉलर से भी ज्यादा के गोल्ड का इस्तेमाल काले धन के कन्वर्जन में हुआ। ट्रेड सूत्रों ने बताया कि टैक्स अधिकारी बैंकों की शाखाओं में छापे मार रहे हैं और काले धन के कन्वर्जन में मिलकर काम करने के मामले में प्राइवेट बैंकों के कुछ अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है।