पेटीएम का विकल्प लाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली(5 दिसंबर): नोटबंदी के बाद से कैशलेस इंडिया पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने ऐप बेस्ड ट्रांसफर्स के लिए कई रास्ते तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। सरकार ने रूपे, मास्टरकार्ड और वीजा से कॉमन क्विक रेस्पॉन्स कोड (QR) पर आधारित पेमेंट्स सल्यूशन तैयार करने को कहा है। इससे देश भर के दुकानदारों को बिना किसी कार्ड स्वाइप मशीन के इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट हासिल हो सकेगी। 

ऐसे करेगा काम...

- व्यापारी आपको कॉमन QR कोड दिखाएगा, जिसे रूपे, मास्टरकार्ड और वीजा जैसे पेमेंट नेटवर्क्स के ऐप से स्कैन किया जा सकेगा। इसके बाद आसानी से ग्राहक कोई भी रकम दुकानदार के खाते में ट्रांसफर कर सकेगा। इस तरह के QR कोड आधारित पेमेंट के लिए डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड की कोई जरूरत नहीं होगी। फिलहाल पेटीएम इस तरह की सुविधा देता है, लेकिन इसके तहत दुकानदार और ग्राहक दोनों के पास इसकी उपलब्धता जरूरी होती है। इसकी वजह यह है कि पेटीएम किसी दूसरे पेमेंट नेटवर्क को स्वीकार नहीं करता है।

- हालांकि सरकार की ओर से प्रस्तावित इस पेमेंट सिस्टम में कई अन्य ऐप्स के जरिए भी रकम ट्रांसफर की जा सकेगी। बैंकों, पेमेंट कंपनियों और पीयूष गोयल के नेतृत्व में सरकारी अधिकारियों के बीच मुलाकात के दौरान इस तरह के कॉमन QR कोड पर काम करने का आइडिया सामने आया। इस अति प्रचलित QR आधारित पेमेंट सल्यूशन को फिलहाल इंडिया क्यूआर कहा जा रहा है। इसे जनवरी तक लॉन्च किए जाने की योजना है।

- QR कोड पेमेंट्स के मामले में वीजा को अग्रणी माना जा रहा है, जिसने एक साल पहले बेंगलुरु में 'एम वीजा' की शुरुआत की थी। एम वीजा को दुनिया भर में तमाम मार्केट्स में पेमेंट मीडियम के तौर पर स्वीकार किया गया है। हाल ही में मास्टरकार्ड ने भी अपनी QR सर्विस लॉन्च की है। इसके अलावा रूपे की ओर से भी जल्दी ही ऐसे सल्यूशन की शुरुआत होने वाली है।

- यह तीसरा मोर्चा है, जहां सरकार कैशलेस पेमेंट्स की ओर बढ़ने के प्रयासों में जुटी है। पिछले सप्ताह ही सरकार ने तीन महीनों के भीतर देश भर में 10 लाख अतिरिक्त कार्ड स्वाइप मशीनें लगाने का लक्ष्य तय किया था। इसके अलावा सरकार स्मार्टफोन्स के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस और मोबाइल मेसेजिंग पर आधारित पेमेंट ऐप्लिकेशन शुरू करने की भी तैयारी में है।