नोटबंदी से फोन कंपनियों में बंपर छंटनी

नई दिल्ली(12 दिसंबर): दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर और मोदी सरकार के मेक इन इंडिया प्रॉजेक्ट की पोस्टर बॉय मानी जाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने अपने 8,000 फैक्ट्री वर्कर्स में से करीब एक चौथाई को दो हफ्तों के लिए पेड लीव पर जाने को कह दिया है।

- हाई वैल्यू वाले नोटों को रद्द करने के सरकारी फरमान के बाद कैश क्रंच की स्थिति बनने से फोन सेल्स लगभग 50% घट गई है और कंपनी को प्रॉडक्शन आधा करना पड़ा है।

- इंडस्ट्री के लोगों का कहना है कि नोटबंदी के बाद से मोबाइल फोन की मंथली सेल्स आधी होकर 175-200 करोड़ रुपये पर आ गई है और हालात सुधरने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

- इंटेक्स, लावा और कार्बन सहित बड़ी लोकल कंपनियां या तो छंटनी करने या अपने वर्कफोर्स के 10 से 40 पर्सेंट हिस्से को काम बंद करने की योजना बना रही हैं।

- लावा अपना प्लांट 12 दिसंबर से एक हफ्ते के लिए बंद कर रही है। वहां करीब 5,000 लोग काम करते हैं।

- चाइना की शाओमी, ओपो और जियोनी के अलावा इनफोकस और नोकिया के साथ लावा, इंटेक्स, कार्बन और माइक्रोमैक्स के लिए डिवाइसेज फॉक्सकॉन ही बनाती है।

- एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिया में असेंबल होने वाले हैंडसेट्स में से करीब 50 प्रतिशत फॉक्सकॉन तैयार करती है। फॉक्सकान की मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स जानने वाले एक इंडस्ट्री एग्जिक्युटिव ने कहा, 'आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में चार प्लांट हर महीने 12 लाख फोन बनाने की कपैसिटी पर काम कर रहे हैं। पहले वहां 25 लाख फोन बना करते थे।' कंपनी ने करीब 1700 कर्मचारियों को या तो रेग्युलर काम से हटा दिया है या उन्हें दो हफ्तों के लिए जबरन पेड लीव पर भेज दिया है।

- इंटेक्स टेक्नॉलजीज के प्रॉडक्ट हेड यू एम थाजथ ने कहा, 'दिसंबर का पहला हफ्ता वाकई बुरा रहा। अब हम प्रॉडक्शन घटाने और सेमी-नॉक्ड डाउन किट्स का इंपोर्ट टालने के बारे में सोच रहे हैं।' इंटेक्स के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कंपनी के नोएडा प्लांट से 500-600 लोगों की जनवरी में छंटनी कर दी जाएगी। लावा इंटरनैशनल के एक सीनियर 

अधिकारी ने कहा, 'फैक्ट्री फ्लोर पर काम करने वाले सभी 5,000 लोगों से कह दिया गया है कि वो सोमवार से एक हफ्ते तक न आएं क्योंकि स्मार्टफोन और फीचर फोन का पूरा प्रॉडक्शन इस दौरान बंद रहेगा।'