ऐंटी-ब्लैक मनी नैतिक कदम, लूट तो 2जी, CWG थी

नई दिल्ली (7 नवंबर): नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का पक्ष रखते हुए इसे अभूतपूर्व फैसला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके जरिए अर्थव्यवस्था के भविष्य को बदलने का काम किया है।

जेटली ने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था में जब ज्यादा कैश होता है तो ये एक भ्रष्टाचार का केंद्र और कारण बनता है। लेकिन, इस पर रोक लगाना कठिन होता है। सरकार ने एक के बाद एक कदम उठाए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐंटी-ब्लैक मनी एक नैतिक कदम है। लूट तो वह होती है जो 2जी, CWG में हुआ।

अरुण जेटली ने कही ये बड़ी बातें... - 2014 में सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने काले धन के खिलाफ एक के बाद एक कदम उठाएं है। - नोटबंदी एक समाधान है और इससे सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी ऐसा नहीं है लेकिन इससे एजेंडा बदला है। - नोटबंदी के कारण टेरर फंडिंग पर लगाम लगी। - ऐंटी-ब्लैक मनी एक नैतिक कदम है। लूट तो वह होती है जो 2जी, CWG में हुआ। - कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य परिवार की सेवा करना है और हमारा मुख्य उद्देश्य देश की सेवा करना है। - जांच चल रही है। जो प्रक्रिया हमने पनामा पेपर्स में अपनाई थी वही प्रक्रिया हम पैराडाइज पेपर्स के मामले में भी अपनाएंगे। - कैश का बैंकों के अंदर आना। इसलिए चाहे उसका एक्सपेंडिचर म्युचुअल फंड में हो, इंश्योंरेंसेज में हो। इन सब क्षेत्रों में अगर हम देखें तो पिछले एक साल में रिर्सोस बढ़े हैं। बैंकों के पास पैसा आया। फॉर्मल इकोनॉमी में पैसा और सुधार आया। नोटबंदी हर समस्या का हल नहीं है। लेकिन, इसने एजेंडा बदला। - एसआईटी, ब्लैक मनी लॉ, विदेशों से ट्रीटी को संशोधित करना। ट्रांसपेरेंसी ज्यादा लाना। खर्च किस तरह से हो। उस पर कंडीशन लगाना, बेनामी कानून लाना। इन डायरेक्ट व्यवस्था बदलना। इसके कई स्वाभाविक परिणाम हमने साल भर में देखे हैं। - बड़े नोट कम हुए। टेरर फंडिंग पर काफी हद तक रोक लगी। - 10 लाख ऐसे हैं जिन्हें टैक्स नेट में आना पड़ा। - शेल कंपनियों का पता लगाना सरल हुआ। - केवल बैंक में चला जाना, उससे नोटबंदी की सफलता और विफलता का पता नहीं चलता। - 10 साल तक पॉलिसी पैरालिसिस था कुछ नहीं किया गया। प्रधानमंत्री जी ने एक स्ट्रक्चरल रिफॉर्म करके बदलाव लाने का प्रयास किया है।

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— ANI (@ANI) November 7, 2017