8 नवंबर के बाद अकाउंट में इतने पैसे जमा करने वालों को नोटिस भेजना शुरू

भूपेंद्र सिंह, अहमदाबाद (15 दिसंबर): काले कारनामों के जरिए काले धन को सफ़ेद करने वालों पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अचानक खाते में करोड़ों जमा करने वाले गुजरात के करोड़पति आयकर विभाग के निशाने पर आ गए हैं। आयकर विभाग ने करोड़पतियों को नोटिस थमाना शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री के बयान के मुताबिक नोटबंदी के बाद पाप करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, पिछले दरवाजे पर लगे कैमरे ने सारे पाप रिकॉर्ड किए है। ऐसे में आयकर विभाग द्वारा जारी किए जा रहे नोटिस से लगता है कि पीएम के पिछले दरवाजे के कैमरे ने अपना काम करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक गुजरात के 5,000 करोड़पतियों को खाते में एक करोड़ रुपये जमा करने पर आयकर विभाग से नोटिस मिला है। इसमें अकेले अहमदाबाद के 500 से ज्यादा करदाता भी शामिल हैं। नोटबंदी के बाद बड़ी मात्रा में काले धन को सफेद करने के मामले सामने आ रहे हैं। रोजाना नए-पुराने नोट भी पकड़े जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों ने नोटबंदी के बाद से अपने खातों में एक करोड़ या उससे ज्यादा रुपये जमा किए हैं, उन्हें आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है। बड़ी संख्या में आयकर विभाग के अधिकारियों को इन्वेस्टिगेशन के लिए ट्रांसफर किया है। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, 'इनकम टैक्स विभाग पहले से ही करोड़पतियों के आय के स्त्रोतों को जानने के लिए नोटिस भेज रहा है।' इस काम में बैंको से भी सहयोग करने के लिए कहा गया था।

जिन भी खातों में बड़ी रकम जमा की जा रही है, एक जनवरी के बाद बैंक उनकी डीटेल्स आयकर अधिकारियों से साझा करेंगे। हालांकि गुजरात में यह काम पहले से ही शुरू हो गया है। एक जानकारी के मुताबिक, नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने केवल राजकोट के ही 3,000 से भी ज्यादा करदाताओं को नोटिस भेजा है। अहमदाबाद, सूरत और वड़ोदरा का आंकड़ा 5,000 को पार कर सकता है।' नियम के मुताबिक जो भी व्यक्ति अपनी आय का स्त्रोत बताने में विफल होगा उस पर रकम का 85 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।

8 नवंबर के बाद से सिर्फ लोगो के खातों की लेनदेन पर ही निगरानी नहीं की जा रही बल्कि बैंककर्मियों के खातों की लेनदेन पर भी आयकर विभाग की पैनी नज़र रही है और इसीलिए जिन कर्मियों के खातों में उम्मीद से ज्यादा पैसे जमा हुए है, उन्हें भी आयकर विभाग की नोटिस मिला है।  

सूत्रों के मुताबिक कई बुल्लिऑन ट्रेडर्स के खातों को फ्रिज़ कर दिया गया है। 8 नवंबर के बाद से ऐसे तामाम खाते जिनमे सामान्य से हटकर लेनदेन हुई है वो आयकर विभाग के राडार पर है, लेकिन यहां सवाल ये भी है की पहले ही कर्मचारी और अधिकारियों की कमी से जूझ रहा आयकर विभाग कैसे इतने कम स्टाफ के साथ हजारों खाते धारकों से निपट पाएगा।