नए साल में बैंक आपको दे सकते हैं 'तोहफा'

नई दिल्ली(30 दिसंबर): नए साल में बैंक लोन सस्ता कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि बैंकों के लोन सस्ता करने से कन्ज्यूमर सेंटीमेंट को रिवाइव करने में मदद मिलेगी।

- बैंकरों का कहना है कि लेंडिंग के साथ डिपॉजिट रेट्स में भी बड़ी कटौती हो सकती है। बड़े बैंक अभी एक साल के डिपॉजिट पर 7 पर्सेंट का ब्याज दे रहे हैं, जबकि इसी अवधि के लिए वे लोन पर 8.90 पर्सेंट का ब्याज वसूल रहे हैं।

- एक सीनियर बैंक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने बैंकों से कहा है कि उनके डिपॉजिट रेट्स में नोटबंदी के चलते काफी कमी आई है। इसलिए उन्हें लेंडिंग रेट्स में कटौती करनी चाहिए।

- अधिकारी ने बताया कि इनवेस्टमेंट सेंटीमेंट अभी कमजोर बना हुआ है। सरकार पर विपक्षी दलों की तरफ से नोटबंदी को फायदेमंद एक्सरसाइज दिखाने का काफी दबाव है। दूसरी बात यह है कि आम आदमी 50 दिनों तक मुश्किल झेलने के बाद नोटबंदी के कुछ फायदों की उम्मीद कर रहा है।

- उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार बैंकों से कुछ उपायों पर बात कर रही है, जिनसे इनवेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सके। मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को वापस लेने का ऐलान किया था। तब उन्होंने वादा किया था कि 50 दिनों में हालात नॉर्मल हो जाएंगे। बड़े बैंक शुक्रवार और शनिवार को एसेट-लायबिलिटी कमेटी की मीटिंग कर सकते हैं। यह कमेटी ही लोन और डिपॉजिट रेट्स के बारे में फैसला करती हैं।