अरुण जेटली बोले, नोटबंदी से सारी समस्या का हल नहीं होगा, लेकिन ये जरूरी था

नई दिल्ली ( 7 नवंबर ): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के एक साल पूरा होने की पूर्व संध्या पर प्रेस कांफ्रेस करते हुए कहा कि इसका विरोध और लूट बताने वाले यह बताएं कि 2जी और CWG क्या था। 

जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद कई लोग नोटबंदी को हर मर्ज की दवा मानने लगे थे, लेकिन ऐसा नहीं है। हां इससे कई समस्याओं का निदान हुआ है जो अर्थव्यवस्था को खाए जा रही थीं।

जेटनी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का प्राथमिकता परिवार सेवा करना है और हमरा देश की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि दस साल तक एक पॉलिसी पैरालेसिस, कुछ न करना, ऐसी हुकुमत चलाना। पीएम ने एक ढांचागत सुधार कर, बदलाव लाने का प्रयास किया है। यूपीए और एनडीए में एक तरफ पॉलिसी पैरालाइसिस और एक तरफ ढांचागत सुधार हुआ।

-ये एक वाटरशेड पल था। देश के भीतर बाहर चर्चा हुई।

-देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य के लिए स्थिति को बदलना जरूरी था

-कैश पर निर्भरता को कम करना जरूरी था।

-जहां टैक्स की चोरी होती वहां जो टैक्स देता वो नहीं देने वाले के हिस्से का भी टैक्स देता है। 

-कैश भ्रष्टाचार का कारण बनता है। कैश कम होने से भ्रष्टाचार खत्म होगा ऐसा नहीं है पर मुश्किल जरूर हो जायेगा।

-कैश के बैंकिंग में आने से संसाधन बढ़ा है, स्टॉक मार्केट म्यूच्यूअल फण्ड बीमा में पैसा आया है। 

-नोटेबंदी से सारी समस्या हल हो जाएंगी ऐसा नहीं है, लेकिन एजेंडा जरूर बदल है।

-लोकतंत्र में आलोचना होगी, कहा जाता है बैंक में सारा पैसा जमा हो गया ये तो अच्छा है।

-18 लाख लोगों ने आय से अधिक पैसा जमा कराया उन पर करवाई हो रही है। शैल कंपनियों के खिलाफ करवाई हो रही है।