नोटबंदी के बाद 73000 डीरजिस्‍टर्ड कंपनियों ने जमा कराए 24000 करोड़ रुपये

नई दिल्ली (4 जून): नोटबंदी के बाद देशभर के 73000 हजार डीरजिस्टर्ड यानी मुखौटा कंपनियों ने बैंकों में 24000 करोड़ रुपये जमा कराए। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि नोटबंदी के बाद कुल 1.68 लाख मुखौटा कंपनियों के खातों में रकम जमा कराए गए। कालेधन और गैरकानूनी संपत्तियों पर चोट के लिए मंत्रालय ने 2.26 लाख मुखौटा कंपनियों को गैर-सूचीबद्ध किया है। एक दस्तावेज में मंत्रालय ने कहा, 'इनमें से 73,000 कंपनियों ने 24,000 करोड़ रुपये जमा कराए। इन कंपनियों के बारे में बैंकों से विस्तृत विवरण मांगे जा रहे हैं।'मंत्रालय ने कहा कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआइओ) 19 कंपनियों की जांच कर रहा है, जबकि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के तहत 49 कंपनियों की छानबीन चल रही है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, नोटबंदी के बाद कालेधन और गैर-कानूनी संपत्तियों पर रोक लगाने के मकसद से करीब 2.26 लाख कंपनियों को बंद कर दिया था। इनमें से ज्यादातर कंपनियां लंबे समय से कोई कारोबार नहीं कर रही थी और ऐसे में इन पर कालेधन की हेराफेरी का शक था।मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि इन 2.26 लाख कं‍पनियों में से 1.68 लाख कंपनियों की बैंक डिटेल की जांच में पता चला कि नोटबंदी के बाद इनके बैंक खातों में काफी पैसे जमा किए गए।