शक के दायरे में बैंकों में जमा 4 लाख करोड़ रुपये, एक लाख खातों पर IT की नजर

नई दिल्ली(30 दिसंबर): नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा हुए 4 लाख करोड़ शक के दायरे में हो सकते हैं। जिन खातों में यह अघोषित आय जमा हुई है आयकर विभाग उनको नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। उन लोगों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा, जो आय के स्रोत का खुलासा नहीं करेंगे।

- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास मौजूद 17 दिसंबर तक के डेटा के मुताबिक 1.14 लाख खातों में यह 4 लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं।

- आयकर अधिकारियों का अनुमान है कि इस राशि में बड़ा हिस्सा उन लोगों का हो सकता है, जो कर चोरी में शामिल रहे हैं।

- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से इस रकम की वास्तविकता जानने और टैक्स रिटर्न से मिलान करने की कोशिशें जारी हैं।

- अधिकारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक टैक्स जमा करने वाले लोग बड़े पैमाने पर कैश नहीं रख सकते। अब तक विभाग की ओर से बैंक खातों में बड़ी राशि जमा कराने वाले करीब 5,000 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

- एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'कुछ लोग सोच रहे हैं कि सरकार कुछ नहीं करेगी और नोट जमा करा रहे हैं। हम साप्ताहिक आधार पर डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और अघोषित आय रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निश्चित तौर पर हम चाहते हैं कि लोग आगे आएं और खुद अपना टैक्स चुकाएं।'

- आयकर विभाग के अफसर ने कहा कि सरकार का मानना है कि इस साल वह बड़ी मात्रा में राजस्व जुटा सकेगी। सरकार ने एक बार फिर से अघोषित आय वाले लोगों को 50 पर्सेंट टैक्स चुकाकर कैश जमा कराने का एक बार फिर से ऑफर देकर साफ कर दिया है कि उसकी ऐसे लोगों पर पैनी नजर है, जिनके पास बड़ी मात्रा में कैश है। 31 मार्च तक इस स्कीम के तहत अपनी अघोषित आय का खुलासा न करने वाले लोगों को बाद में 90 पर्सेंट तक का टैक्स चुकाना पड़ सकता है।