नोटबंदी के बीच ज्वैलर्स ने बेचा 25 करोड़ का सोना

जोधपुर (1 जनवरी): नोटबंदी के बीच जोधपुर में दो ज्वैलर ने 25 करोड़ रुपए बैंक में जमा कराए, उन्होंने बताया कि इस बीच उन्होंने करीब 90 किलो सोना बेचा। वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एफआईयू) ने निर्देश पर ज्वैलर्स के यहां छापा मारा तो 22 किलो सोना बेचने के लगभग 7 करोड़ के बैकडेट बिल मिले।


गड़बड़ियां...

- 7 करोड़ के बिल कटे थे। बिल अक्टूबर-नवंबर के थे, पैसा 10 नवंबर के बाद जमा।

- ज्वैलरी के स्टॉक में भी शॉर्टेज मिला, डिफरेंस का सही हिसाब नहीं मिला।

- 5 बैंक लॉकर, 2 खाली, 3 खोलने बाकी। शो-रूम में भी 18 लाख कैश बरामद हुए।

- पैन नंबर और डाटा मैच नहीं। जिनके पैन नंबर, अधिकांश ने सोना खरीदा नहीं।


आयकर विभाग के जोधपुर कमिश्नरेट एरिया जिसमें जोधपुर के साथ बीकानेर व अजमेर संभाग का भी हिस्सा है, वहां के 150 लोग रॉडार पर हैं। इन्होंने नोटबंदी के बाद 5 लाख से 1 करोड़ तक के पुराने नोट डिपोजिट किए हैं। इनमें 15 केस ऐसे भी हैं, जिनके खाते बरसों से बंद थे और हाल ही दुबारा एक्टिव हुए और इनमें लाखों जमा कराए गए।


एफआईयू के निर्देश पर सभी को नोटिस जारी हो चुके हैं। जवाब लेकर छानबीन की जा रही है। आयकर आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि 17 दिसंबर से शुरू हुई पीएम गरीब कल्याण योजना 31 मार्च तक चलेगी। यह अघोषित आय बताने का आखिरी मौका है। इसके बाद विभाग आयकर की धारा 115 बीबीई में कार्रवाई करेगा।