नोटबंदी: जांच के दायरे में बैंकों के 208 कर्मचारी

नई दिल्ली ( 7 फरवरी): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को लोकसभा में जानकारी दी कि केंद्रीय बैंक (RBI) ने नोटबंदी के दौरान कुछ बैंक अधिकारियों को अनियमितताओं में शामिल पाया गया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक नोटबंदी के दौरान 208 बैंक कर्मचारियों को केंद्र सरकार और आरबीआई के नियमों का उल्लंघन करते तथा प्रथम दृष्टया अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया है, जिसमें 197 सार्वजनिक बैंक के कर्मचारी है और 11 निजी बैंक के कर्मचारी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद कुछ बैंक अधिकारियों को अनियिमतताओं में संलिप्त पाया गया। अनियमितताओं को देखते हुए सरकारी क्षेत्र के बैंकों ने अभी तक 156 अधिकारियों को निलंबित व 41 अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है।

उन्होंने आगे कहां जहां भी आपराधिक मामले पाए गए बैंकों ने पुलिस और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के साथ मिलकर 26 मामले भी दर्ज किए हैं।

जहां तक निजी क्षेत्र के बैंकों की बात है इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बताया है कि नोटबंदी के दौरान गैरकानूनी तरीके से बैंक नोट बदलने में संलिप्त पाए जाने के आरोप में 11 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। रिजर्व बैंक ने आगे बताया है कि बैंकों ने आंतरिक जांय शुरू कर दी है और पुलिस व सीबीआई के साथ मिलकर शिकायत दर्ज की गई है।

रिजर्व बैंक ने स्टाफ द्वारा किए गए गलत कामों को रोकने/पहचानने के लिए कदम उठाने को कहा है। बैंक द्वारा जारी सर्कुलर में बैंकों को आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया को मजबूत करने को भी कहा गया है।