BREAKING: अगर आपके पास है 2000 का नोट तो जरूर पढ़ें ये खबर

नई दिल्ली (7 नवंबर): नोटबंदी का 1 साल पूरा होने के बाद 2000 का नोट भी बंद कर दिया जाएगा। दोबारा से 1000 का नया नोट मार्केट में आ जाएगा। इस बार अधिकतम नगदी जमा करने की सीमा पचास हजार होगी, वो भी मात्र दस दिन के लिए। इसके बाद से ये 2000 के नए-नए नोट मान्य नहीं रहेंगे। इसलिए दो हजार का नोट स्टोर ना करें। सोशल मीडिया पर इससे मिलते जुलते मैसेज वायरल हैं।

नोटबंदी का फैसला देश के काम आया या नहीं इस पर राय बंटी हुई है, लेकिन सालभर पहले देश की आम जनता को नोटबंदी ने रुला दिया था। नोटबंदी के बाद लोग इतना डरे हुए हैं कि 2000 का नोट जारी होने के बाद से ही ये चर्चा है कि क्या 1000 और 500 के नोटों की तरह कभी भी 2000 का नोट भी बिना नोटिस दिए वापस ले लिया जाएगा ?

हमने रिजर्व बैंक, वित्त मंत्रालय और सरकार को टटोला तो पता चला कि RBI अब मार्केट में छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाने पर जोर दे रही है। मार्केट में 50, 100 और 500 रुपये के नोटों की सप्लाइ बढ़ाई जा रही है और 200 रुपये के नए नोट भी धीरे-धीरे बाजार में पहुंच रहे हैं।

ये खबर वायरल होते मैसेज को और पुख्ता कर रही थी क्योंकि बाजार में छोटे नोटों की संख्या बढ़ाने का मतलब 2000 रुपये के नोट को बाहर का रास्ता दिखाने की शुरुआत हो सकती है। 1000 का नोट बंद होने और 2000 का नया नोट जारी होने के बाद अब गुलाबी नोट ही देश में सबसे ज्यादा कीमत वाली करेंसी है। सरकार को डर है कि अब 2000 के नोटों के रूप में काला धन डंप किया जा रहा है। इसीलिए ये कहा जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से दो हजार रुपए के नोट चलन में कमी आई है। खबरें हैं कि RBI ने 2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी है।

जानकारों का मानना है कि सरकार जरूर किसी न किसी रणनीति पर काम कर रही है, क्योंकि मार्किट से अचानक दो हजार रुपए के नोटों में कमी आना अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक 11 अप्रैल को नोटों की छपाई के लिए प्रॉडक्शन प्लानिंग की बैठक हुई थी। बैठक में रिजर्व बैंक ने 2000 के सौ करोड़ नोट छापने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन वित्त मंत्रालय ने 2000 के नोट छापने का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। हालांकि, बाकी छोटे नोट छापने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी।

खुद पीएम मोदी चुनावी रैलियों तक में नोटबंदी को कड़वी दवा बता रहे हैं, वो दवा जिसकी देश को सख्त जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक 2000 रुपए के 7.4 लाख करोड़ रुपए मूल्य के 3.7 अरब नोट छप चुके हैं। ये रकम नोटबंदी में बंद हुए हजार रुपए के 6.3 अरब नोटों के मूल्यों से ज्यादा हैं। फिलहाल छापे जा रहे नोटों में 90% हिस्सा 500 रुपए के नोटों का है। नोटबंदी के बाद से अब तक 500 रुपए के 14 अरब नोट छापे जा चुके हैं।

न्यूज 24 ने वित्त मंत्रालय में इस खबर की पुष्टि की ऑन द कैमरा कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन ऑफ द कैमरा माना कि सरकार छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके 2 फायदे हैं, पहला जाली नोटों की साजिश लगाम लगेगी और दूसरा सरकार कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देना चाहती है। लेकिन वित्त मंत्रालय में 2000 के नोटों के जल्दी बंद होने वाली खबर को सिर्फ अफवाह करार दे दिया।

वायरल खबर की परीक्षा में नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर 2000 के नोट के बंद होने की वायरल खबर झूठ साबित हुई।