नोटबंदी के दौरान 35 हजार कंपनियों ने जमा कराए 17 हजार करोड़

नई दिल्ली (5 नवंबर): नोटबंदी के दौरान 35 हजार संदिग्ध फर्जी कंपनियों ने 17 हजार करोड़ रुपये जमा कराए। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के मुताबिक दो साल या उससे अधिक समय से निष्क्रिय रहने वाली 2.24 लाख कंपनियों को बंद कर दिया गया है। सरकार ने इन कंपनियों को 56 बैंकों से मिली जानकारी के आधार पर बंद किया है। बैंकों ने 35 हजार कंपनियों और 58 हजार बैंक खातों की जानकारी मंत्रालय को दी थी। दो साल या उससे अधिक समय से निष्क्रिय रहने वाली 2.24 लाख कंपनियों को बंद कर दिया गया है। 

सरकार के मुताबिक नोटबंदी के बाद 35 हजार कंपनियों ने विभिन्न बैंकों में 17000 करोड़ रुपए जमा करवाए और कुछ ही समय बाद नए नोट की शक्ल में उसे निकाल लिया। कालेधन के खिलाफ चल रही सरकार की मुहीम के तहत इन कंपनियों की आगे की जांच चल रही है। मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल नोटबंदी के फैसले के बाद विभिन्न एजेंसियां खातों में रकम की आवाजाही की जांच कर रही है। देश के 56 सरकारी और निजी बैंको ने सरकार को 35000 कंपनियों और 58000 खातों की जानकारी दी। 


इन बैंकों के रिपोर्ट के आधार पर और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मंत्रालय ने इनमें से किसी कंपनी के नाम की जानकारी नहीं दी है। बैंकों से मंत्रालय को मिली रिपोर्ट में कंपनियों की मनमानी की कई दिलचस्प जाकारियां हैं। इनमें एक कंपनी के 2134 खातों के बारे में ब्यौरा है। रिपोर्ट के मुताबिक एक निगेटिव ओपनिंग बैलेंस वाली कंपनी ने नोटबंदी के बाद खाते में 2484 करोड़ रुपए जमा करवाए और बाद में उसे निकाल लिया।