पूर्व चुनाव आयुक्त रावत का बोले- नोटबंदी से चुनावों में नहीं रुका कालेधन का इस्तेमाल


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (3 दिसंबर): पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने नोटबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि नोटबंदी के बाद चुनाव कालेधन के इस्तेमाल में कई आएगी लेकिन ऐसा नहीं लग रहा है। चुनाव के दौरान जब्त किए गए नोटों से ये बात साबित होती है। पुराने चुनाव के मुकाबले इस बार राज्यों में ज्यादा नोट सीज किए गए है।



ओपी रावत ने कहा कि नोटबंदी के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि चुनावों में कालेधन का इस्‍तेमाल बंद हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। उन्‍होंने कहा कि पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजनीतिक पार्टियों और उनके फाइनेंसरों के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। चुनाव में जिस तरह से पैसे का इस्‍तेमाल हो रहा है वह कालाधन ही है। उन्होंने कहा कि हमने पांच राज्यों के हालिया चुनावों के दौरान भी 200 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड रकम सीज की है। इसका मतलब यह है कि चुनावों के दौरान जिस सोर्स से पैसा चुनावों में आ रहा है, वह बेहद प्रभावी है और नोटबंदी का उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।


आपको बता दें कि 8 नवंबर, 2016 को केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी का ऐलान किया गया था। इसके तहत 500-1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद कर दिया गया था। इस दौरान दावा किया गया था कि ऐसा करने से जाली नोट, कालाधन और आतंकवाद पर लगाम लगेगी, हालांकि कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि नोटबंदी से ऐसा कोई फायदा नहीं हुआ और कालाधन फिर से सिस्टम में आ गया है।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये रिपोर्ट...