इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करने की मांग

नई दिल्ली(31 अक्टूबर): सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर देश के आठ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि इन आठ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। ऐसे में इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यकों वाले अधिकार मिलने चाहिए। 

- इन राज्यों में लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और पंजाब शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने 1993 में केंद्र सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन को भी असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।

- याचिकाकर्ता उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 23 अक्टूबर 1993 में नोटिफिकेशन जारी कर मुस्लिम समेत अन्य समुदाय के लोगों को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया था। 

- उपाध्याय ने कहा कि 2011 के जनगणना के आंकड़ों की मानें तो देश के 8 राज्यों (लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और पंजाब) में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, लेकिन उन्हें इन राज्यों में यह दर्जा अभी तक नहीं मिला है।

- बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने मांग की है कि इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया जाए और उन्हें अल्पसंख्यकों को मिलने वाले अधिकार भी मिलें। साथ ही मांग की गई है कि 1993 में जारी केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन को भी पूरी तरह असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वह केंद्र सरकार को आदेश दें कि इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करे। याचिका में कहा गया है कि किसी भी समुदाय के अल्पसंख्यकों का दर्जा सिर्फ उनकी जनसंख्या के आधार पर ही मिलना चाहिए। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कानून मंत्रालय को प्रतिवादी बनाया है।