दिल्ली में उफनाई यमुना, निचले इलाकों को खाली कराया गया

YAMUNA

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 अगस्त): राजधानी दिल्ली में यमुना का हाहाकारी पानी घुस चुका है। जिससे निचले इलाके पानी में डूबने लगे हैं। यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। यमुना का लेवल 205.94 मीटर पार कर चुका है। हरियाणा के हथिनी कुंड से छोड़ा गया पानी लगातार दिल्ली की मुसीबत बढ़ा रहा है। हालांकि राहत और बचाव की टीम ने फौरन एक्शन में आकर लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। अब तक 5 हजार लोगों को दूसरी जगह ले जाया गया है। रेस्क्यू टीम नाव और गोताखोरों के साथ अलग-अलग जगह पर तैनात हैं।

YAMUNAहरियाणा से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। अगले दो दिन दिल्ली पर भारी हैं। यमुना के तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार दोपहर आपात बैठकर बुलाकर स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। रविवार शाम 5 बजे यमुना का जलस्तर 203.37 मीटर था। यही वह समय था जब हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से एक साथ 8.28 लाख पानी छोड़ा गया। ठीक 24 घंटे बाद सोमवार को शाम 5 बजे यमुना का जलस्तर 205.36 मीटर दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान 205.33 मीटर से 0.3 मीटर ऊपर बह रहा था। सरकार का कहना है कि आठ लाख क्यूसेक पानी सोमवार शाम 6 बजे से दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है। यह पानी 26 से 36 घंटे के भीतर दिल्ली पहुंचेगा। ऐसे में अगले 48 घंटे में यमुना का जलस्तर 207 को पार कर जाने की संभावना है।

टूट सकता है रिकॉर्ड...

हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 40 साल बाद एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। वर्ष 2013 में हरियाणा से जब एक साथ 8.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। तब यमुना का अधिकतम जलस्तर 207.32 मीटर तक पहुंच गया था। यह 1978 के बाद (तब 207.43 मीटर था) दूसरा मौका था जब यमुना का जलस्तर दूसरी बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। रविवार को हरियाणा ने 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है।  लगातार दो घंटे में दो बार आठ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। इसके चलते अंदाजा लगाया जा रहा है कि  1978 में रिकॉर्ड जलस्तर भी इस बार टूट सकता है।

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